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वीडियो कॉलिंग से पति का किया दीदार, खोला जीतड़ी माता का व्रत, देखें तस्वीरें

Fri, 31 Aug 2018 06:20 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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वीडियो कॉलिंग से पति को देखकर व्रत खोला।
आगरा में सिंधी समाज की महिलाओं ने भाद्र पक्ष की तृतीया को मनाए जाने वाले तीजड़ी पर्व को मनाया। अंकुरित अनाज की धूप, दीप और फल-फूल से सामूहिक रूप में तीजड़ी माता की पूजन किया। पंडित ने तीजड़ी माता की कथा सुनाई। दोपहर में शहर की कॉलोनियों के मंदिरों में तीजड़ी माता का व्रत रखने वाली महिलाओं ने सामूहिक पूजन किया। तीजड़ी माता को सामूहिक रूप में झूला झूलाकर पूजा की। शाम को चंद्रमा को अर्ध देकर माता से पति की लंबी उम्र की कामना की। 

शमशाबाद रोड निवासी कविता अश्वनी की शादी सात महीने पहले जयपुर के रहने वाले मनीष अश्वनी से हुई थी। कविता सावन का त्योहार मनाने मायके आई हुई है। कविता अश्वनी ने बताया पति जयपुर में है। उन्होंने वीडियों कॉलिंग पर पति को देख व्रत खोला। 
 
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तीजड़ी माता की पूजा करती महिलाएं।
सिंधी समाज की महिलाओं ने तीजड़ी माता की सामूहिक पूजन-अर्चना की। सदस्यों ने माता को खुश करने के लिए उनको हिंडोला में झुलाया। माता से आशीर्वाद लिया और पति की लंबी आयु की कामना की।
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माता का झूला झुलाती महिलाएं।
तीजड़ी माता को को हिंडोला में झुलाती महिलाएं। 
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तीज़ड़ी माता की पूजा अर्चना करतीं वृद्ध महिला। - फोटो : अमर उजाला
व्रत की कहानी में सात भाईयों के एक बहन होती है। शादी के बाद वह तीजड़ी माता का व्रत रखती है। भाई उसे झूठा चंद्रमा बनाकर दिखाते है और बहन का व्रत खुलवा देते हैं। व्रत अधूरा करने पर तीजड़ी माता बहन के पति के प्राण ले लेती है। बहन को भाईयों के झूठ का पता चलता है और फिर वह एक साल तक पति के शव के साथ रहती है और पूरी निष्ठा भाव से माता का व्रत रख पति की दीर्घायु का वरदान प्राप्त करतीं है। वहीं उन्हाेंने तीजड़ी माता को झूला झुलाने का महत्व बताते हुए कहा पांच अनाज के अंकुरित दानों से उगी हुई धूप से तीजड़ी माता बनाई जाती है। माता को झूला झुलाकर महिलाएं मंगल गीत गातीं हैं। जिससे माता खुश हो जाती है। फिर उसी झूले पर महिलाएं झूलतीं हैं। 
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