राधाकृष्ण की लीलास्थली वृंदावन में यमुना नदी के तट पर संतों का कुंभ नगर बसने लगा है। संत-महात्माओं के साथ भागवताचार्य और सामाजिक संस्थाओं ने अपने-अपने टेंट लगाने शुरू कर दिए हैं। इससे मेला क्षेत्र में आभा देखते ही बन रही है। बता दें कि तीर्थनगरी में 16 फरवरी से 25 मार्च तक वृंदावन कुंभ मेला बैठक का आयोजन होगा। इसमें देशभर से हजारों साधु-संत और श्रद्धालु जुटेंगे।
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वृंदावन कुंभ मेला क्षेत्र में लगा शिविर
- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार से पहले वृंदावन में यमुना के तट पर आरंभ होने जा रहे कुंभ मेला बैठक के लिए संतों का कुंभ नगर अब अपने स्वरूप में आने लगा है। 56 एकड़ क्षेत्र में फैले इस नगर में आस्था की अद्भुत आभा देखने को मिल रही है। संतों के साथ यहां सामाजिक संस्थाएं, वृंदावन के मंदिर और आचार्य, भागवताचार्य अपने शिविरों को सजाने लगे हैं। खालसाओं के लिए आवंटित जमीन में शिविरों का लगना भी आरंभ हो गया है।
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वृंदावन कुंभ मेला 2021: भूमि का आवंटन करते संत
- फोटो : अमर उजाला
करीब 100 से अधिक प्लॉट संतों के हवाले किए गए हैं, जिनका आवंटन भी उनके ही द्वारा किया जा रहा है, जबकि बाकी करीब 50 प्लॉट अन्य के लिए हैं। प्रत्येक 12 साल बाद आयोजित होने वाले इस कुंभ मेला बैठक की व्यवस्थाओं पर मुख्यमंत्री की निगाह है। इसके शुरू होने से पहले ही वृंदावन और संतों को सौगात देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 14 फरवरी को वृंदावन आ रहे हैं।
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वृंदावन कुंभ मेला 2021: मेला क्षेत्र में बनाई जा रही सड़क
- फोटो : अमर उजाला
मेला क्षेत्र में व्यवस्थाएं
- दो पांटून पुल
- एक पक्का और चार अस्थाई घाट
- करीब सात किलोमीटर लंबी सड़कें
- प्रकाश व्यवस्था के लिए स्ट्रीट लाइट
- प्रत्येक शिविर के लिए गंगाजल, सीवर और बिजली कनेक्शन
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वृंदावन कुंभ मेला 2021: मेला क्षेत्र में लगे शिविर
- फोटो : अमर उजाला
जगह की तलाश में सीताराम दास
कोलकाता से वृंदावन आए सीताराम दास कुंभ मेला क्षेत्र में रहने के लिए जमीन की तलाश में हैं। उनका शिविर प्रशासन ने उखाड़ दिया है। वह कहते हैं कि कहीं तो उन्हें रहने के लिए स्थान मिल जाए। इसके बाद हरिद्वार कुंभ जाना है।
कुंभ मेला क्षेत्र में मेलाधिकारी नगेंद्र प्रताप व अन्य लोग
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं मेलाधिकारी नगेंद्र प्रताप ने बताया कि सरकार संत और धर्माचार्यों के लिए मेला क्षेत्र में संपूर्ण व्यवस्थाएं प्रदान कर रही है। सड़क, गंगाजल, बिजली, शौचालय सहित सार्वजनिक व्यवस्थाएं भी प्रदान की जा रही हैं। मेला क्षेत्र में तेजी से काम पूरा किया जा रहा है। निर्धारित समय पर सभी व्यवस्थाएं पूरी होंगी।