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अमर उजाला पड़ताल: सर्दी में यात्रियों को कंपा रहा रोडवेज का सफर, बसों के शीशे टूटे...हेडलाइट गायब

Mon, 22 Nov 2021 02:39 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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खस्ताहाल हैं रोडवेज बसें - फोटो : अमर उजाला
सर्दी शुरू हो गई है। रोडवेज बसों में बदले मौसम को देखते हुए इंतजाम दुरुस्त नहीं हैं। खासकर साधारण सेवा की बसों में। खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं तो किसी की हेडलाइट ही गायब है। यात्री सर्द हवा के थपेड़े खाते हुए सफर करने को मजबूर हैं। 

आगरा के बिजलीघर बस अड्डे और आईएसबीटी पर निगम की पांच बसें ऐसी मिलीं, जिनमें शीशे टूटे या निकले हुए थे। एक बस में ऑल वेदर बल्ब तो दूर हेड लाइट तक टूटी हुई थी। चालक की सीट खस्ता हाल थी तो अन्य सीटें भी फटी हुई थीं। आईएसबीटी पर खड़ी बस में चालक की सीट के ऊपर लगा साइड मिरर ही नहीं था। 
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बस का साइड मिरर ही गायब - फोटो : अमर उजाला
बिजलीघर अड्डा दोपहर 1:00 बजे
बिजलीघर बस अड्डे पर आगरा से फिरोजाबाद, मथुरा, एटा, फतेहाबाद, बाह और इटावा समेत अन्य रूटों पर बसें संचालित हैं। रविवार को यहां खड़ी एक बस का ड्राइवर साइड का शीशा नहीं था। फाउंड्री नगर डिपो की बस में बीच के हिस्से में शीशा निकला था। इसी सीट पर सवारियां बैठी हुई थीं। 

यहां से मथुरा जाने वाली बस में बैक लाइट नहीं थी। महानगर की एक बस में चालक की सीट टूटी हुई थी। बैक लाइट भी नहीं थी। यात्री आकिल बोले कि साधारण बसों का यही हाल है। सर्दी में भी शीशे ठीक नहीं कराए गए हैं। रात में या तड़के सफर करने वाले ठिठुर जाते हैं। 
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बस चालक की सीट फटी हुई - फोटो : अमर उजाला
आईएसबीटी दोपहर 3.30 बजे
अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) पर मैनपुरी जाने वाली आगरा परिक्षेत्र की बस में ऑल वेदर बल्ब तो दूर हेड लाइट तक टूटी हुई थी। ईदगाह डिपो की एक बस में चालक के साइड का मिरर नहीं था। दूसरी बस में भी शीशा नहीं था, चालक की सीट फटी हुई थी। 
 

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बस की कई खिड़कियों में नहीं हैं शीशे - फोटो : अमर उजाला
अन्य डिपो की साधारण बस सेवा की अधिकांश बसों का बुरा हाल था। किसी में शीशे तो किसी में लाइट नहीं लगी हुई थीं। दो बसों की बैक लाइट खराब थी। संविदा परिचालक बोला कि बसों में कमी निकालने पर ड्यूटी नहीं दी जाती है। 
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रोडवेज बस की खिड़कियों के टूटे शीशे - फोटो : अमर उजाला
दलील : दो घंटे में बदले जा सकते हैं शीशे
आगरा परिक्षेत्र के सेवा प्रबंधक अनुराग यादव ने बताया कि दिवाली से पूर्व बसों में ऑल वेदर बल्ब लगवा दिए गए थे। अगर किसी बस का शीशा टूटा है तो दो घंटे में बदला जा सकता है। कार्यशाला से चालक को भी चेक करके बसों को ले जाना चाहिए। 
 
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