उत्तर प्रदेश के आगरा में ब्लॉगर रितिका की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। ब्लॉगर को जान का खतरा था और इस बात को वह जान चुकी थी। इसी वजह से उसने 28 मार्च 2022 को एसपी फिरोजाबाद को पत्र लिखा था। जिसमें 12 मार्च को टूंडला थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर का जिक्र करते हुए लिखा था कि एफआईआर के बाद 23 मार्च को उसके मजिस्ट्रेटी बयान हुए थे। इसके बाद नामित लोगों ने 25 मार्च को मुकदमा वापिस लेने के लिए दबाव बनाकर उसे डराया और धमकाया। उसे जान से मारने और मरवाने की लगातार धमकियां दी जा रही थीं, जिससे वह बहुत डरी-सहमी हुई थी। एसपी को उसने साफ लिखा था कि शिकायती पत्र के माध्यम से यह बताना चाहती है कि अगर उसके साथ भविष्य में कोई घटना होती है तो उसके इस पत्र को अंतिम बयान समझा जाए। इस हत्याकांड से दो दिन पहले रितिका ने अपनी मां को कॉल की थी।