डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के जेपी सभागार में आयोजित एनएसएस के पूर्व गणतंत्र दिवस परेड (पीआरडी) शिविर के सातवें दिन मंगलवार को स्वयंसेवकों को राजपथ पर परेड के लिए परखा जाने लगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
विज्ञापन
2 of 5
सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति के दौरान एनएसएस स्वयंसेवक
- फोटो : अमर उजाला
जेपी सभागार में विभिन्न राज्यों के 100 स्वयंसेवकों ने व्यक्तिगत रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। चयनकर्ताओं के सामने किसी स्वयंसेवक ने गीत गाया तो किसी ने नृत्य किया। प्रत्येक स्वयंसेवक को दो-दो मिनट का समय दिया गया। विश्वविद्यालय के एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रामवीर सिंह चौहान ने बताया कि मंगलवार की शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले स्वयंसेवकों से ही बुधवार सुबह परेड कराई।
विज्ञापन
3 of 5
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान एनएसएस स्वयंसेवक
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली से आए चयनकर्ता करेंगे चयन
शिविर में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड व छत्तीसगढ़ के 200 स्वयंसेवक हिस्सा ले रहे हैं। इनमें से 40 स्वयंसेवकों का चयन गणतंत्र दिवस परेड शिविर के लिए यहां से किया जाएगा।
4 of 5
एनएसएस स्वयंसेवक
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली से चयनकर्ता आए हुए हैं। देशभर से 200 स्वयंसेवक चुने जाते हैं। शिविर एक से 31 जनवरी तक नई दिल्ली में लगता है। इसी शिविर से 148 चयनित स्वयंसेवक गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर परेड करते हैं। चयन प्रक्रिया में 60 फीसदी अंक परेड, 30 फीसदी सांस्कृतिक गतिविधि व 10 फीसदी अंक पर्सनालिटी के आधार पर मिलेंगे।
व्यक्तिगत रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देतीं प्रतिभागी
- फोटो : अमर उजाला
उठ जाग मुसाफिर भोर भई...
स्वयंसेवकों ने मंगलवार को सुबह एनएसएस की ओर से गोद लिए गए खापुर गांव में प्रभातफेरी निकाली। स्वयंसेवक ‘उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहां जो सोवत है...’ गीत गाते हुए चल रहे थे। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रामवीर सिंह, क्षेत्रीय निदेशक अशोक श्रोती, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. अंशुमाली शर्मा ने नेतृत्व किया। ग्राम प्रधान उदयवीर सिंह ने स्वयंसेवकों को गांव के लोगों से मिलवाया। खंदारी परिसर में परेड मार्च सत्र के दौरान विवि के कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयंसेवकों को और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया, जिससे उनका चयन राजपथ पर परेड के लिए किया जा सके।