आगरा के थाना शाहगंज क्षेत्र के प्रकाश नगर में टेंट व्यवसायी बॉबी की हत्या उसकी ही पत्नी प्रीती ने देवर धीरज के साथ मिलकर की थी। दो साल से भाभी के साथ अवैध संबंधों में धीरज ने बड़े भाई को गोली मारी थी। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से सुराग मिलने पर पुलिस ने दोनों को जेल भेजकर हत्याकांड का खुलासा किया है।
अलीगढ़ के थाना हरदुआगंज स्थित गांव शिल्ला निवासी बॉबी प्रकाश नगर में किराये पर पत्नी प्रीति और तीन बच्चों के साथ रहते थे। 27 अगस्त की रात को प्रीति ने पुलिस को सूचना दी। बताया कि वह कमरे में सो रही थी। रात डेढ़ बजे गोली की आवाज सुनकर जागी। मोहल्ले का स्वप्निल छत से कूदकर भाग रहा था। गली में अंकित खड़ा हुआ था। दोनों मिलकर पति की गोली मारकर हत्या की है। मोहल्ले के लोगों ने शव रखकर जाम लगाया था। बाद में परिजन शव लेकर गांव चले गए थे।
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मृतक के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
दोनों के बीच थे अवैध संबंध
मुकदमे में स्वप्निल और अंकित को नामजद किया गया। पुलिस घटना के खुलासे में लगी थी। एसपी प्रोटोकाल शिवराम यादव ने बताया कि हत्या मृतक की पत्नी प्रीति ने देवर धीरज के साथ मिलकर की थी। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। दोनों के बीच अवैध संबंध थे। बॉबी को शक होने पर विवाद खड़ा हो रहा था। इसलिए दोनों ने हत्या कर दी।
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आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
छत से कूदने में टूट गए दोनों पैर
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में पता चला कि धीरज भाई की हत्या करने के लिए 26 अगस्त को बस से आगरा आ गया था। वह इधर उधर घूमता रहा। भाभी ने उससे कहा था कि वह रात में एक बजे के बाद गेट खोल देगी। धीरज घर आया। कमरे में जाकर भाई की हत्या कर दी। गोली की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोगों में जगार हो गई थी। वह डिश की केबल से बेल्ट बांधकर छत से कूद गया। मगर, केबल टूट गई। इससे उसके दोनों पैरों की हड्डी टूट गई। वह घिसटता हुआ बाहर निकला। हमीद नगर पहुंचकर तमंचा और खोखा छिपा दिया। प्रीति से कॉल करके भाई की मौत की जानकारी ली। इसके बाद ई रिक्शा कर बस स्टैंड पहुंचा और बस से अलीगढ़ चला गया। अलीगढ़ में अस्पताल में उपचार कराया।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ था आरोपी भाई
बॉबी के शव को परिजन गांव लेकर आए थे। धीरज भाई के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुआ था। परिजनों ने पुलिस को बताया था कि धीरज गुरुग्राम नौकरी की तलाश में गया था। जांच में धीरज की लोकेशन घटना वाले दिन आगरा की आई थी। इससे पुलिस को शक हो गया। पुलिस ने मोहल्ले के सीसीटीवी फुटेज और बस स्टैंड के सीसीटीवी फुटेज चेक किए। इसमें वो कैद हो गया। बस और ई रिक्शा के चालक ने भी उसे पहचान लिया। पुलिस से बचने को आरोपी धीरज ने जींस टीशर्ट के ऊपर कुर्ता पजामा पहनकर आया था। घर में जाने के लिए जींस टीशर्ट पहनकर आया था।
टेंट व्यवसायी की हत्या में स्वप्निल और अंकित को नामजद किया गया था। शव रखकर हंगामा भी काटा गया था। पुलिस आरोपियों के घर पर पहुंची। वह सोते हुए मिल गए। प्रीति ने बताया था कि आरोपी छत से कूदकर गया है। दोनों आरोपियों को देखा गया। छत से कूदने पर चोट जरूर आती। मगर, दोनों में से किसी को कोई दिक्कत नहीं थी। इस पर पुलिस पड़ताल में जुट गई। नामजद आरोपी निर्दोष निकले। उन्हें क्लीन चिट दे दी गई।