फतेहपुर सीकरी स्थित बुलंद दरवाजा के समीप लाल पत्थर से बना रंग महल पुरातत्व विभाग की अनदेखी के कारण बदहाल होकर पशुओं का तबेला बना हुआ है। मंगलवार को लगने वाली हाट के दौरान व्यापारी यही अपने पशुओं को बांध देते हैं। यहीं से उन्हें वाहनों में चढ़ाया भी जाता है।
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विश्वदाय स्मारक फतेहपुरसीकरी
- फोटो : अमर उजाला
हजरत शेख सलीम चिश्ती मजार के सज्जादा नशीन रईस मियां चिश्ती ने बताया कि रंग महल में बस्ती के लोग भी अपनी भैंसों को बांधते हैं। इससे महल की दीवारें व पिलर खराब हो रहे हैं। कई बार शिकायतें करने के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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विश्वदाय स्मारक फतेहपुरसीकरी
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इतिहास की किताबों के मुताबिक सम्राट अकबर से शादी के बाद रानी जोधाबाई यहां रहा करती थीं। रंग महल में ही सलीम यानि जहांगीर का जन्म हुआ था। यही नहीं रंग महल लाल पत्थर से बना एक बेहतरीन स्मारक है।
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लाल पत्थर से बने इसी महल में पैदा हुए थे जहांगीर
- फोटो : अमर उजाला
स्थापत्य कला के इस बेजोड़ महल के कंगूरे, छज्जे के पत्थर समेत पिलर धीरे-धीरे खंडित हो रहे हैं। इस स्मारक तक जाने के लिए कच्चा, पथरीला और कटीले पेड़ों से घिरा हुआ रास्ता है।