उत्तर भारत की प्रसिद्ध राम बरात शनिवार देरशाम को ताजनगरी में बनी अयोध्या नगरी (रावतपाड़ा) से प्रारंभ हो गई । शाम से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने लगे था। प्राचीन मन:कामेश्वर महादेव मंदिर स्थित लाला चन्नोमल की बारादरी से श्रृंगार के बाद दूल्हा बने श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, और शत्रुघ्न (स्वरूपों) को आरती के बाद दिव्य रथों पर विराजमान किया गया।
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राम बरात
- फोटो : अमर उजाला
सिर पर रत्न जड़ित मुकुट, सूर्य जैसे तेज और अधरों पर मनमोहक मुस्कान लिए चारों भाइयों के दर्शन को पूरा शहर उमड़ रहा है। जिले के दूरदराज क्षेत्रों और आसपास के प्रदेशों से आए लोग राम बरात में शामिल होकर स्वयं धन्य मान रहे हैं। परंपरागत शोभायात्रा मार्ग पर जगह-जगह पुष्प वर्षा हुई और आरती उतारने वालों की भीड़ है।
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राम बरात
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि श्रीराम की बरात शाम करीब छह बजे से प्रारंभ हो गई। बरात में सबसे आगे रघुवंश की ध्वज पताका लिए घुड़सवार चल रहे हैं, उनके पीछे ऊंटों पर नक्कारे बजाते हुए वादक चल रहे हैं। इसके पीछे विघ्न विनाशक श्रीगणेश की सवारी है।
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राम बरात
- फोटो : अमर उजाला
वहीं इनके पीछे और धार्मिक और सामाजिक संदेश देती हुईं करीब 130 झांकियों की लंबी कतार है। साथ ही करतब दिखाते हुए अखाड़ेबाज और शहर एक दर्जन बैंड अपनी स्वर लहरियां बिखेर रहे हैं।
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राम बरात
- फोटो : अमर उजाला
राम बरात में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक जगन प्रसाद गर्ग, महामंत्री श्रीभगवान अग्रवाल भी साथ हैं। मीडिया प्रभारी राहुल गौतम ने बताया कि श्री राम बरात रविवार सुबह करीब नौ बजे जनकपुरी (आवास विकास कालोनी) में अग्रसेन वाटिका पर पहुंचेगी। देखें राम बरात का रूट ...
राम बरात अपने परंपरागत मार्ग श्रीमन:कामेश्वर महादेव मंदिर रावतपाड़ा से प्रारंभ होकर जौहरी बाजार, दरेसी, कचहरी घाट, बेलनगंज, पथवारी, धूलियागंज, घटिया, फव्वारा होते हुए पुन: रावतपाड़ा पहुंची। रविवार (17 सितंबर) को सुबह नौ बजे तक जनकपुरी (आवास विकास कालोनी) पहुंचेगी।