-3.64 लाख हेक्टेयर है कुल कृषि योग्य भूमि
-3.25 लाख के करीब हैं जिले में किसान
-1.80 लाख हेक्टयेर है गेहूं का क्षेत्रफल
-05 हजार हेक्टेयर है सरसों का क्षेत्रफल
मौसम किसानों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। बेमौसम बारिश से अब गेहूं और सरसों की फसल पर खतरा मंडराने लगा है। जल्द मौसम साफ न हुआ तो खेतों में गेहूं और सरसों खराब होना शुरू हो जाएगी। बृहस्पतिवार को कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई। मौसम विभाग ने चार मार्च से सात मार्च तक बारिश की आशंका जताई थी। बृहस्पतिवार को बारिश ने कहर बरपाना शुरू कर दिया। अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। दोपहर एक बजे तक रुक-रुककर बारिश होती रही। सबसे अधिक बारिश दन्नाहार क्षेत्र और करहल क्षेत्र में हुई। करहल क्षेत्र में ओलावृष्टि होने के चलते सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
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सरसों की फसल
- फोटो : अमर उजाला
गांव नगला मदारी निवासी कपिल दुबे ने बताया कि उनके गांव में लगभग आधे घंटे तक ओले पड़े। इससे खेतों में खड़ी सरसों की फसल टूट गई तो गेहूं को भी नुकसान हुआ है। वहीं अन्य क्षेत्रों में भी फसल खेतों में बिछ गई है। इससे गेहूं का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका और भी प्रबल हो गई है।
वहीं दन्नाहार क्षेत्र में अधिक बारिश होने के चलते खेतों में जलभराव हो गया है। आलू में जलभराव के चलते सबसे अधिक नुकसान होने की आशंका है। अगर आलू में तीन दिन तक पानी भरा रहा तो आलू खराब होना शुरू हो जाएगा। ऐसे में किसान परेशान हैं। वहीं आसमान में छाए बादलों से अभी बारिश का खतरा टला नहीं है।
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बेमौसम बारिश
- फोटो : अमर उजाला
फसलों में लगातार हो रहे नुकसान से किसान परेशान हैं। उनकी चिंता जायज है। धान की पैदावार कम होने के चलते पहले ही किसान परेशान थे। अब बेमौसम बारिश ने गेहूं की अच्छी पैदावार की उम्मीद भी तोड़ दी है। अब अगर बारिश नहीं रुकी तो किसानों को फसल की लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। 29 फरवरी को तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ था। कृषि विभाग के आकलन के बाद लगभग पांच से सात प्रतिशत नुकसान की बात कही गई थी। अब एक बार फिर बारिश के बाद कृषि विभाग नुकसान का आकलन करेगा। शुक्रवार तक पूरा आंकड़ा सामने आ जाएगा।
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बारिश
- फोटो : अमर उजाला
चाहे कोई भी मौसम हो किसान तो हर बार ही नुकसान उठाता है। लगातार हो रही बारिश से इस बार गेहूं की फसल में नुकसान होगा। यादराम, दन्नाहार।
लाख कोशिशों के बाद भी किसानों को खेती में कुछ भी लाभ नहीं हो पा रहा है। चाहे कोई भी फसल केवल नुकसान ही होता है। सत्यपाल, नगला छेड़ी
मौसम विभाग द्वारा बारिश की चेतावनी जारी कर दी जाती है। लेकिन इस चेतावनी से आखिर किसान क्या कर सकते हैं। सतेंद्र सिंह, दन्नाहार।
सरकार को नुकसान का आकलन करना चाहिए। किसानों को उनकी भूमि के अनुसार मुआवजा दिलाना चाहिए। श्रीकृष्ण, नगला आशा।
बारिश से लगातार फसलों में नुकसान हो रहा है। इसे रोक पाना संभव नहीं है। लेकिन किसान बारिश के बाद भीगी सरसों की फसल को सुखाने का प्रयास करें। आलू और गेहूं की फसल में भरे पानी निकाल दें। डॉ. गगनदीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।