मुगलों द्वारा बरसाना पर आक्रमण के दौरान श्रीजी मंदिर में विराजमान लाडली जी के श्री विग्रह को सुरक्षा कारणों के चलते श्योपुर ले जाया गया। बाद में हालात सामान्य होने पर करीब 8 माह बाद बरसाना श्रीजी मंदिर में पुन: विधि विधान पूर्वक विराजमान किया गया। इस दौरान जिस विग्रह की श्रीजी मंदिर में पूजा की गई वो विजया लाडली कहलाईं।
ये भी पढ़ें राधाष्टमीः राधारानी के अभिषेक में होगा सवा सौ किलो पंचामृत, दर्शन का यह है समय