मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 जून से परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय खोलने, साफ-सफाई कराने व मूलभूतसुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे एक जुलाई को विद्यार्थी स्कूल पहुंचे तो उन्हें अच्छा माहौल मिले। लेकिन जिले में कई परिषदीय विद्यालय भवनविहीन हैं। खुले आसमान के नीचे कक्षाएं लगेंगी। आदेशानुसार, यहां भी शिक्षक पहुंचे, उनके करने के लिए ज्यादा कुछ था नहीं। जब विद्यालय भवन नहीं है तो बिजली, पंखे, पानी और शौचालय की उम्मीद भी कैसे की जा सकती है। विभाग विद्यार्थियों की बैठने की व्यवस्था तो नहीं बना पा रहा है, पर स्कूलों में पंजीकरण बढ़ाने पर लगातार जोर दे रहा है, इससे शिक्षक परेशान हैं।
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प्राथमिक विद्यालय कन्या, जगदीशपुरा में खड़ी रहती है गाड़ियां, रखे जाते हैं ड्रम
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प्राथमिक विद्यालय कन्या, जगदीशपुरा में प्रधानाध्यापिका अलका पालीवाल और शिक्षामित्र रुचि कुमार और शिक्षामित्र कुर्सी पर बैठकर कुछ चर्चा कर रही थीं। यह सुबह आठ बजे विद्यालय पहुंच गई थीं, भवन तो है नहीं, गैलरी में विद्यार्थी बैठते हैं, वहां सफाई करवाई। बाकी कुछ करने के लिए था नहीं। पंजीकरण बढ़ाने के निर्देश हैं। विद्यालय में पहले से 85 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, इनको बैठाने की जगह नहीं है। छह वर्ष में प्रधानाध्यापिका ने विभागीय अधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर विद्यार्थियों की बैठने की व्यवस्था करने की मांग की है।
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एक स्कूल की साफ सफाई करतीं शिक्षिका
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उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापिका कीर्ति दुबे मौजूद थीं। 30 विद्यार्थियों पर वह अकेली शिक्षिका हैं। एक कोठरी में दोनों स्कूलों का सामान रहता है। उसके छोटे से बरामदे में वह खुद सफाई कर रही थीं। उन्होंने बताया कि 36 हजार रुपये बिजली कनेक्शन के लिए आए थे, मकान मालिक ने मना कर दिया। बजट लौटाना पड़ा। पेयजल की व्यवस्था नहीं है। स्कूल खुलने पर बोतल का पानी मंगवाया जाता है। पांच से छह बार इन्होंने भी बीएसए को स्कूल भवन के संबंध में पत्र लिखा है।
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प्राथमिक गोबर चौकी का भवन कई वर्ष पहले गिर चुका है
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प्राथमिक गोबर चौकी का भवन कई वर्ष पहले गिर चुका है। एक प्लेटफार्म पर विद्यार्थी पढ़ते हैं। यहां कोई छाया भी नहीं है। सुबह इंचार्ज प्रधानाध्यापिका प्लेटफार्म की सफाई कराकर चली गईं। प्राथमिक विद्यालय, राधा नगर में छोटी कोठरी में स्कूल का कुछ सामान रखा है, इस पर टीनशेड पड़ा है, कोठरी की दशा खराब है। गत सत्र में चार पिलर बनाकर टिन शेड डाला गया। गर्मी में विद्यार्थी इसके नीचे बेहाल हो जाते हैं।
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प्राथमिक विद्यालय
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राजीव वर्मा, महामंत्री, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि तीन वर्ष में कम से कम 10 बार बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में ज्ञापन दिया जा चुका है। भवनविहीन स्कूलों के विद्यार्थियों का पास के स्कूलों या अन्य किराए के भवनों में संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसकी मांग फिर से बुलंद की जाएगी।
अवध किशोर सिंह, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने कहा कि भवन विहीन स्कूलों के संबंध में शासन स्तर से कोई स्पष्ट आदेश नहीं है। इसलिए स्थानीय तौर पर कोई कदम उठाने में मुश्किल हो रही है। ऐसे स्कूलों के संचालन के संबंध में विभागीय अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा जाएगा।