डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के 83 वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने आए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद टापर्स की लिस्ट में छात्राओं का दबदबा देख गद्गद् हो गए। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। बेटियां बेटों से आगे बढ़ रही हैं।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
- फोटो : social media
इस सुखद अनुभूति से देश के उज्ज्वल भविष्य की झलक मिलती है। बेटियों के आगे बढ़ने से ही देश आगे बढ़ता है। विश्वविद्यालय के खंदारी कैंपस में आयोजित दीक्षांत समारोह में 80 विद्यार्थियों को कुल 114 मेडल (100 स्वर्ण और 14 रजत) दिए गए। इनमें 19 पदक छात्रों (17 प्रतिशत) और 95 पदक छात्राओं (83 प्रतिशत) को मिले।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति ने कहा कि वह जब बिहार के राज्यपाल के रूप में विश्वविद्यालयों को दीक्षांत समारोह में जाते थे, तब भी यही स्थिति मिलती थी। कहीं दो तिहाई तो कहीं तीन चौथाई स्वर्ण पदक बेटियों को मिल रहे हैं। राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को सफलता के सूत्र भी दिए।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
- फोटो : self
उन्होंने कहा कि कामयाबी का आसमान चूमने के लिए दिल और दिमाग विशाल होना चाहिए। बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर के जीवन से प्रेरणा लेकर मानवता के हित में काम करें और खुद को आने वाले समय का निर्माता समझें।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा सच होते देखना सुखद है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा अब पटरी पर आ गई है। प्रदेश में 29 विश्वविद्यालय हैं। इनमें चार नए हैं। पुराने सभी 25 विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह समय पर हो रहा है।