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नवोदय छात्रा की मौत का मामला: आखिर क्यों पड़ी पॉलीग्राफी और डीएनए टेस्ट की जरूरत

Tue, 03 Dec 2019 12:25 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी के नवोदय विद्यालय में हुई छात्रा की कथित हत्या के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार को जिला अस्पताल में तीन छात्र व एक शिक्षक का डीएनए सैंपल लिया गया। अब आगे सभी का पॉलीग्राफी टेस्ट भी कराया जाएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि जब पुलिस प्रशासन स्लाइड जांच रिपोर्ट निगेटिव होने की बात कह रहा थी तो फिर इन जांचों की जरूरत क्यों पड़ी। 
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जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक के बाहर खड़ी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को छात्रा की हत्या में आरोपी दो छात्रों के अलावा विद्यालय के एक अन्य छात्र और एक शिक्षक को डीएनए जांच के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिला अस्पताल लाया गया। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में गोपनीय तरीके से तीनों छात्रों और शिक्षक के खून के नमूने लिए। बताया गया है कि डॉक्टरों की टीम ने सैंपल सील करके डीएनए जांच के लिए पुलिस को सौंप दिए हैं। 
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जवाहर नवोदय विद्यालय भोगांव में जांच करते आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल व सीओ एसटीएफ श्यामकांत - फोटो : अमर उजाला
एक शिक्षिका, एक शिक्षक और तीन छात्रों को पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए पुलिस टीम लखनऊ ले गई। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर भोगांव कर रहे हैं। पॉलीग्राफी कराने का उद्देश्य सच्चाई जानना है। जिले के प्रमुख चिकित्सकों की मानें तो पॉलीग्राफी टेस्ट झूठ पकड़ने के लिए किया जाता है। संबंधित को एक खास दवा दी जाती है। इसके बाद उससे पूछताछ की जाती है। इसे लाई डिटेक्टर टेस्ट भी कहा जाता है।

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नवोदय विद्यालय में जांच करते आईजी मोहित अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
मामले में एसआईटी टीम जांच के लिए मैनपुरी पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए। आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल इस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि अभी कुछ भी कहना संभव नहीं है। मामले से जुड़े दस्तावेज आदि की जांच की जा रही है। 
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प्रियंका गांधी वाड्रा ने लिखा मुख्यमंत्री योगी का पत्र - फोटो : अमर उजाला
इस मामले में विगत कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। विवेचना में लेट लतीफी पर शासन ने रविवार को मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक अजय शंकर राय को तत्काल प्रभाव से हटाकर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय, लखनऊ से संबद्ध कर दिया था। वहीं उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी दिए। शामली के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार को मैनपुरी में तैनाती दी गई है।
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किशोरी ने इसी पंखे पर चुनरी डालकर आत्महत्या की, फोरेंसिक टीम जांच करती हुई (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि जवाहर नवोदय विद्यालय में 16 सितंबर की तड़के कक्षा 11 की छात्रा की मौत हो गई थी। उसका शव पूजा घर में फंदे से लटका मिला था। विद्यालय प्रशासन मौत का कारण आत्महत्या बता रहा था। वहीं परिजनों ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। साथ ही दुष्कर्म के प्रयास और पॉक्सो एक्ट को भी रिपोर्ट में शामिल किया गया। परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग की। 
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