आगरा के थाना ताजगंज के गांव करभना निवासी युवक पवन कुमार यादव की मौत के बाद हुए बवाल के मामले में डीजीपी ने सख्त कार्रवाई के आदेश किए हैं। चौकी फूंकने वालों के खिलाफ रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई करने की तैयारी कर ली गई है। इसके लिए मुख्य आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है। गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी। नुकसान की भरपाई के लिए संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
31 दिसंबर 2020 की सुबह गांव करभना का पवन कुमार ट्रैक्टर ट्राली में बालू लेकर गांव की तरफ आ रहा था। आरोप था कि रास्ते में तोरा चौकी के सिपाहियों ने ट्रैक्टर रोकने का प्रयास किया था। पवन ने ट्रैक्टर भगा दिया। इस कारण रास्ते में ट्रैक्टर पलट गया। पवन की मौत हो गई। घटना के बाद गांव के लोग आ गए थे। शांति मांगलिक अस्पताल के सामने बवाल किया था। पुलिसकर्मियों से मारपीट की थी। बसई चौकी पर भी पहुंच गए थे। बाद में तोरा चौकी पर पहुंचकर आग लगा दी थी। वाहनों को फूंक दिया था। पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर पथराव किया था।
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बवाल के दौरान उपद्रवियों ने चौकी में लगाई थी आग
- फोटो : अमर उजाला
इस घटना में थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार सहित चार को निलंबित किया गया था। पूरी चौकी लाइन हाजिर की गई थी। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि बवाल और आगजनी के मामले में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें 14 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। बवाल के पीछे कुछ प्रमुख लोग शामिल थे। उन्हें चिह्नित करने का काम चल रहा है।
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तोरा पुलिस चौकी में की थी आगजनी
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस कारण जमानत मिलने पर भी वो एक साल तक जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। एसएसपी ने बताया कि बवाल करवाने वाले कुछ लोग अलग थे। उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। भीड़ में शामिल होने वाले अलग थे। उनको भी चिह्नित किया जा रहा है।
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पथराव करती भीड़
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि जिन लोगों ने चौकी में आगजनी और लूटपाट की। उनको चिह्नित किया जा रहा है। चौकी में हुए नुकसान की भरपाई आरोपियों की संपत्ति को जब्त करके की जाएगी। बवाल के आरोपियों के फोटो भी चौकी और थाने के बोर्ड पर लगाए जाएंगे, जिससे उनका चेहरा सार्वजनिक रहे। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई होगी, जिससे भविष्य में कोई इस तरह की हरकत करने की सोच भी न सके।
बवाल के दौरान उपद्रवी और पुलिस टीम
- फोटो : अमर उजाला
तोरा चौकी पर बवाल के चलते एक घंटे तक फतेहाबाद मार्ग बाधित रहा था। पुलिस को यातायात डायवर्ट करना पड़ा था। होटलों के गेट भी बंद हो गए थे। पर्यटक बाहर नहीं आ सके थे। आसपास के लोग भी दहशत में आ गए थे। भय का माहौल हो गया था। रासुका तब लगाई जाती है, जब जेल में बंद आरोपी अपने जमानत के लिए प्रार्थना पत्र लगाते हैं।