आगरा के सदर मालखाने में रखे 30 साल पुराने अवैध हथियारों को सोमवार को नष्ट कर दिया गया। पहले इनको हथौड़े मारकर तोड़ा। इसके बाद जेसीबी से 10 फुट गहरा गड्ढा खुदवाकर जमीन में दबा दिया गया। सबसे पुराना अवैध हथियार वर्ष 1991 का था। केस निस्तारित होने पर अदालत से अनुमति के बाद यह प्रक्रिया अपनाई गई। नष्ट किए गए अवैध हथियारों की संख्या 2891 है।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 6
अवैध हथियारों पर चला हथौड़ा
- फोटो : अमर उजाला
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बबलू कुमार ने बताया कि अभियोजन कार्यालय पर अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय और सीओ छत्ता उदयराज सिंह की उपस्थिति में सदर मालखानों के 2,379 अभियोगों से संबंधित 2,891 अवैध तमंचे, बंदूक, देशी रायफल, रिवाल्वर, चाकू और कारतूसों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से आदेश प्राप्त करके नष्ट कराया। इसके लिए अलग से मजदूरों को बुलाया गया था। इनको दस फुट गहरे गड्ढे में दबा दिया है।
विज्ञापन
3 of 6
मालखाने में पड़े अवैध हथियार
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 1991 से 2002 तक के मुकदमों के हथियार
पुलिस के मुताबिक, यह सभी अवैध हथियार गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों से बरामद किए थे। सबसे पुराना शस्त्र 1991 का था। वर्ष 2002 के बीच दर्ज मुकदमों तक के शस्त्र थे। इन केसों में कोर्ट की ओर से निर्णय दे दिया गया था। यह शस्त्र कलक्ट्रेट, दीवानी और सदर के मालखाने में रखे थे।
4 of 6
मालखाने में रखे अवैध हथियार
- फोटो : अमर उजाला
अवैध हथियार नष्ट करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ने अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय की अध्यक्षता में कमेठी गठित की। सीओ छत्ता उदयराज सिंह, सहायक अभियोजन अधिकारी श्रीकांत और अधिवक्ता दामोदर कुमार श्रीवास्तव की उपस्थिति में अवैध शस्त्रों को नष्ट करने की कार्रवाई की गई।
विज्ञापन
5 of 6
जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर जमीन में दबाए हथियार
- फोटो : अमर उजाला
...ताकि काम न कर सके कोई पुर्जा
अवैध शस्त्रों को नष्ट करने के लिए विशेष मजदूरों को बुलाया गया। तमंचों और बंदूकों की नाल को बड़े हथौड़ों से मारकर कुचला गया। बट को अलग किया गया। हर पुर्जे को तोड़ा। कारतूसों को भी पानी में डालने के बाद बारूद निकाल दिया।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि अवैध हथियारों को नष्ट करने के दौरान यह देखा जाता है कि उनका कोई पुर्जा काम में नहीं लाया जा सके। पुलिस ने बताया कि नष्ट कराए गए अवैध हथियारों में कई ऐसे थे, जिनका प्रयोग हत्या तक में किया गया था। ऐसे भी हथियार थे, जिनसे जानलेवा हमले किए गए। लुटेरों, चोरों से बरामद तमंचे, चाकू भी थे। कई अवैध हथियार अवैध फैक्टरियों से भी मिले थे।