जहां एक तरफ वायु प्रदूषण से दिल्ली-एनसीआर में भयावह स्थिति बनी हुई है। वहीं ताजमहल के शहर आगरा में भी हालात ठीक नहीं है। यहां प्रदूषण का स्तर इतना है कि खुले में रहे तो रोज 15 सिगरेट पीने के बराबर धुआं आपके फेफड़ों में जा रहा है। इस खतरनाक प्रदूषण से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
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प्रदूषण से बचने के लिए मास्क लगाए युवक
- फोटो : अमर उजाला
लगातार बढ़ते प्रदूषण ने दमा और सांस रोगियों की हालत खराब कर दी है। अस्थमा अटैक और सांस में संक्रमण के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। एसएन में अस्थमा अटैक के चार मरीज भर्ती हुए हैं। पड़ोसी जिले फिरोजाबा-एटा में यही हालात हैं।
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आगरा में छाई धुंध
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 289 तक पहुंच गया। एसोसिएशन ऑफ चेस्ट फिजिशियन ऑफ आगरा के सचिव डॉ. संजीव आनंद ने बताया कि एक्यूआई 500 होने पर 24 घंटे में 25 सिगरेट के बराबर धुआं शरीर में पहुंच जाता है। ऐसे में अभी एक्यूआई 289 है तो 15 सिगरेट का धुआं शरीर में जा रहा है।
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आगरा में छाई धुंध
- फोटो : अमर उजाला
बढ़ते प्रदूषण से सामान्य लोगों की भी हालत बिगड़ रही है। नाक-कान में खुजली, आंखों में जलन, सूखी खांसी की परेशानी हो रही है। दमा-सांस रोगियों की नलिकाओं में सूजन, संक्रमण मिल रहा है। सीने में घर्र-घर्र की आवाज, छाती में दर्द, जल्दी-जल्दी सांस लेना की परेशानी मिल रही है।
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शाम चार बजे ऐसा था दृश्य
- फोटो : अमर उजाला
एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जीवी सिंह का कहना है कि इन दिनों वातावरण में फोटो केमिकल स्मॉग है। इससे आंखों में जलन होती है, सांस लेने में परेशानी हो रही है।
यह बरतें सावधानी:
- घर की खिड़की-दरवाजे बंद रखें, छिड़काव करें।
- सुबह-शाम ज्यादा स्मॉग है, इस समय टहलने से बचें।
- बाहर जाते वक्त मुंह पर मास्क लगाएं, चश्मा भी पहनें।
- आंखों में जलन होने पर रगडे़ं नहीं, हाथों से आंखें न दबाएं।
- गर्म कपड़े निकाल रहे हैं तो उनको पहले धूप लगा लें।
- सांस-दमा रोगी दवाएं बंद न करें, परेशानी पर डॉक्टर को दिखाएं।