आगरा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बड़ी उम्मीदें थीं। कुछ घोषणाएं हुई भी हैं, लेकिन ताजनगरी के अरमां दिल में ही रह गए। जिन घोषणाओं की उम्मीद थी, वे नहीं की गई हैं। न हाईकोर्ट बेंच की बात हुई, न बैराज की। सबसे चौंकाने वाली बात रही कि अटलजी के बटेश्वर के लिए कोई योजना नहीं दी गई। इतना ही नहीं अटलजी न किसी ने नाम लिया और न ही उनकी तस्वीर रैली में दिखाई दी।
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न बेंच, न बैराज, न ही बटेश्वर की बात, अटलजी को भी भूल गए 'सरकार'
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विरोध करते अधिवक्ता
- फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट बेंच की मांग लंबे समय से चल रही है। अधिवक्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। पुलिस की लाठी भी झेल चुके हैं। आंदोलन चल रहा है। इस बार भी पीएम का कार्यक्रम आते ही अपनी बात उन तक पहुंचाने का प्रयास किया। सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले भी थे। उन्होंने कह दिया था कि वो चाहते हैं कि बेंच बने लेकिन यह उनके हाथ में नहीं। लोगों ने सोचा कि पीएम के तो हाथ में है, वो कुछ न कुछ जरूर बोलेंगे बेंच पर, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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बैराज भी आगरा के लिए जरूरी योजना है। इसकी घोषणा होती रही है। लेकिन इसका शिलान्यास नहीं किया गया। इस पर कोई बात भी नहीं हुई। सबसे ज्यादा हैरानी अटल बिहारी वाजपेयी के गांव बटेश्वर के विकास के लिए कोई घोषणा न होने से हुई है।
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बटेश्वर
- फोटो : अमर उजाला
बटेश्वर को तीर्थस्थल और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने के लिए मांग की गई थी। इसके बावजूद कोई घोषणा नहीं की गई। सीएम योगी ने पिछले साल कहा था कि बटेश्वर का विकास जल्द होगा लेकिन कई महीने बीतने पर भी नहीं हुआ है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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आगरा के लाल भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को भी भुला दिया गया। रैली में न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाम लिया और न ही मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने। नेताओं ने होर्डिंग और पोस्टरों में भी अटलजी के फोटो नहीं लगाए।
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मंच पर पीएम, राज्यपाल, सीएम व मंत्रीगण, भाजपा पदाधिकारी
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मुख्य मंच से प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, एससी आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया ने भाषण दिया। प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला ने संचालन भी किया लेकिन किसी ने वाजपेयीजी का नाम नहीं लिया। मुख्य मंच के बराबर से जनप्रतिनिधियों के लिए बनाए गए मंच से कई स्थानीय नेताओं ने भाषण दिया लेकिन उन्होंने भी अटलजी को भुला दिया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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अटलजी की अस्थियों का बटेश्वर में यमुना में विसर्जन करने के लिए मुख्यमंत्री योगी भी आए थे। उन्होंने कहा था कि अटलजी के जन्मदिवस (25 दिसंबर, 2018) तक बटेश्वर में विकास कार्य नजर आने लगेंगे। पूरा 2018 बीत चुका है। काम शुरू तक नहीं हुए।
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अटल बिहारी वाजपेयी
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अटलजी का जन्म भले ही ग्वालियर में हुआ हो लेकिन उनका बचपन बटेश्वर में बीता। बटेश्वर ही उनका पैतृक गांव है। बटेश्वर में ही प्रारंभिक शिक्षा हुई। इस नाते लोग अटलजी को आगरा का लाल कहते हैं। अटलजी के पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी बटेश्वर के ही वाजपेयी मोहल्ले के थे।