आगरा में एक ओर जहां भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ पेयजल संकट भी गहराता जा रहा है। आलम यह है कि शहर के कई इलाकों में लोगों को निजी टैकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है। जिन इलाकों में पानी की सप्लाई हो रही है, वहां तेज धूप में लोगों की लंबी लंबी लाइन लग रही हैं। घंटों इंतजाम के बाद बमुश्किल पानी मिल पाता है। आगरा के टेड़ी बगिया में पाइप लाइन बिछे करीब 10 साल हो गये। मगर आज तक यहां पानी नहीं आया है।
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निजी टैकरों से खरीदते हैं पीने का पानी
- फोटो : अमर उजाला
टेड़ी बगिया के नगला किशनलाल की महिलाओं का कहना है कि पानी के लिये सड़क पर जाम भी लगाया है। मटके भी फोड़े। मगर सुनवाई कहीं नहीं हुई है। नेता भी चुनाव के समय पानी संकट दूर करने का वादा करते हैं। मगर बाद में वे भूल जाते हैं। हमारी सारी उम्मीदें टूट चुकी हैं। अब तो सिर्फ निजी टैंकरों के भरोसे ही जीवन काट रहे हैं। टैंकर चालक भी मन मुताबिक पानी देते हैं। वो 4 रुपये बाल्टी और 30 से 35 रुपये एक ड्रम के वसूलते हैं।
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पीने का पानी ले जाती महिला और युवती
- फोटो : अमर उजाला
अनीता, ललिता, नीतू देवी मोहिनी, गुड्डो देवी, ममता, मोहनदेवी आदि का कहना है कि उन्होंने अपने यहां हैंडपंप भी लगवाए हैं। मगर पानी का लेवल इतना नीचे पहुंच गया है कि हैंडपंप काम नहीं करते हैं। पूर्व विधायक ने एक सबमर्सिबल पंप लगवाया था। वो भी खराब हो चुका है। निजी टैंकर वाले भी अपनी मर्जी से आते हैं। उनका आने का कोई समय नहीं हैं। एक आदमी तो दिनभर टैंकर का बैठकर ही इंतजार करता है। अगर टैंकर निकल गया तो पानी के लाले पड़ जाते हैं। कोई भी सुनने वाला नहीं है।
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निजी टैकरों से खरीदते हैं पीने का पानी
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय निवासी रेखा देवी ने कहा कि मेरी शादी को 12 वर्ष हो गए। आज तक यहां पानी नहीं आया है। हम लोग टैंकरों से ही पानी खरीद कर पी रहे हैं। विमला देवी ने कहा कि पाइप लाइन पड़े हुए करीब दस वर्ष हो गए। कभी भी पाइपों में पानी नहीं आया है। अब तो उम्मीद भी टूट गई है। रजनी ने बताया कि पानी के लिए सड़क पर धरना दिया है। मटके फोड़े हैं। मगर सुनवाई नहीं हुई है। निजी टैंकरों से ही पानी खरीदते हैं।
पानी के इंतजार में खड़ीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
जलकल विभाग के सचिव अनवर ख्वाजा ने बताया कि नगला किशनलाल में किसी अन्य एजेंसी (डूडा या एडीए) ने पाइप लाइन डाली है। उन्होंने चेक करके हम लोगों को हैंडओवर नहीं की है। इसलिए वहां पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। जीवनी मंडी वाटर वर्क्स से हर रोज 190 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है।