तूफान के अलर्ट और रात में बदले मौसम, तेज हवाओं ने लोगों की धड़कनें बढ़ा दीं। दिन में जब भी बादल गहराए और हवा चली, लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ जातीं। मंगलवार का दिन तूफान की आशंका में ही बीता। स्कूलों की छुट्टी तो थी ही, स्मारकों और बाजारों में भी लोग नहीं आए।
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सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
बार बार बदलते मौसम के मिजाज के कारण तूफान का डर रात तक बना रहा, जिसके कारण सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक बुधवार को भी आंधी के आसार बने रहेंगे। आगरा सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में धूल भरी आंधी आ सकती है।
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सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को ताजमहल के दीदार की हसरत पर तूफान का खौफ भारी पड़ा। करीब दो हजार सैलानियों ने सोमवार के मुकाबले ताज का दीदार कम किया। तूफान की दहशत के बाद सुबह सूर्योदय से 11 बजे तक तो पर्यटक ताजमहल में नजर आए, उसके बाद सैलानियों की संख्या में गिरावट आनी शुरू हो गई।
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सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर तीन बजे के बाद तो लोग तूफान के डर से ताज पहुंचे ही नहीं। शाम को बादलों की लुकाछिपी के साथ पर्यटक होटलों में पहुंच गए। केवल ताजमहल ही नहीं, आगरा किला, सिकंदरा, फतेहपुर सीकरी समेत सभी स्मारकों में पर्यटकों की संख्या कम नजर आई।
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सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर से ही सभी स्मारकों को जाने वाले रास्ते पर सन्नाटा नजर आया, वहीं अंदर भी गिने चुके पर्यटक ही नजर आए। खौफ शहर के बाजारों में भी नजर आया। सुभाष बाजार के थोक कपड़ा बाजार में पड़ोसी जिलों से आने वाले खरीदार पहुंचे ही नहीं।
हिंदुस्तान बिरादरी और जमीतुल कुरैश ने सदर भट्टी स्थित मस्जिद कैथ वाली में नमाज के दौरान तूफान न आने की दुआ मांगी। कबीर पुरस्कार से सम्मानित डा. सिराज कुरैशी और मो. शरीफ काले ने मौसम ठीक होने की दुआ मांगी और दो मई को आए तूफान में मारे गए लोगों को श्रृद्धांजलि अर्पित की।