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अव्यवस्थाः आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर 'देश का भविष्य', सर्दी में ठिठुर रहे छात्र

Fri, 06 Dec 2019 01:55 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आसमान के नीचे पढ़ रहे प्राइमरी के छात्र - फोटो : अमर उजाला
नगर में ही पांच परिषदीय विद्यालयों के पास भवन नहीं है, इनके बच्चों को सर्द हवाओं में भी खुले में बैठकर पढ़ना होता है। इसके अलावा करीब 35 विद्यालयों के भवन जर्जर हाल में हैं। बेसिक शिक्षा विभाग इन स्कूलों के बच्चों को छत तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक लगातार विभाग को अपनी और विद्यार्थियों की समस्याओं से अवगत करा रहे हैं। 
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परिषदीय विद्यालयों के पास भवन नहीं, खुले में पढ़ते छात्र - फोटो : अमर उजाला
प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुरा में 92 विद्यार्थियों का पंजीकरण है। इनके बैठने के लिए एक भी कमरा नहीं है। गर्मी और बारिश में खुले आसमान के नीचे कक्षाएं लगीं। अब ठंड में भी यही हाल है। प्रधानाध्यापिका ने विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखने के साथ प्रेरणा एप पर भी अपनी पीड़ा बताई है। रोजाना छात्रों की सेल्फी एप पर डालती हैं।
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प्राथमिक विद्यालय - फोटो : अमर उजाला
प्राथमिक विद्यालय गोबर चौकी में 45 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनकी भी कक्षाएं खुले आसमान के नीचे लगती हैं। विद्यालय का भवन गिर चुका है। एक दीवार खड़ी है, उसी के पास विद्यार्थी पढ़ते हैं। दीवार पर बिजली के मीटर लगे हुए हैं, तार खुले हुए हैं। ठंड बढ़ने के साथ शिक्षकों की मुश्किल बढ़ती जा रही है। इस स्कूल की दशा से भी विभाग को अवगत कराया जा चुका है।
 

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राधा नगर में छोटी कोठरी में संचालित प्राथमिक विद्यालय - फोटो : अमर उजाला
प्राथमिक विद्यालय, राधा नगर बल्केश्वर में 43 विद्यार्थियों का पंजीकरण है। पिलर पर टिनशेड रखी हुई है। इसी के नीचे विद्यार्थी बैठकर पढ़ते हैं। दीवार नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि ठंड बढ़ने के साथ यहां बैठना मुश्किल होगा। इसका असर विद्यार्थियों की उपस्थिति पर पड़ेगा। प्राथमिक विद्यालय छोटा उखर्रा, प्राथमिक विद्यालय नगला छऊआ का भी भवन नहीं हैं।
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राजीव वर्मा, जिला महामंत्री, यूटा - फोटो : अमर उजाला
परिषदीय स्कूलों में बच्चों का पंजीकरण बढ़ाने और उन्हें स्कूलों में रोकने के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। विद्यालय का भवन ही न होना शर्मनाक है। इस समस्या का समाधान होना चाहिए।  -राजीव वर्मा, जिला महामंत्री, यूटा
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बीएसए कार्यालय - फोटो : अमर उजाला
जिन परिषदीय स्कूलों में भवन नहीं है या जर्जर है, वहां के विद्यार्थियों को आसपास के दूसरे विद्यालय में बैठाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को लिखा गया है। नगर क्षेत्र में स्थिति ज्यादा खराब है। -राजीव कुमार यादव, बीएसए
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