आगरा के बाईपास स्थित श्री पारस अस्पताल को छह महीने से अग्नि सुरक्षा के इंतजाम के बिना ही संचालित किया जा रहा था। 27 जनवरी को अग्निशमन विभाग ने श्री पारस अस्पताल की जांच के बाद प्रशासन को रिपोर्ट सौंप दी थी कि अग्नि सुरक्षा के इंतजाम पूरे नहीं हैं। इन्हें पूरा करने के लिए अस्पताल संचालक को भी समय दिया गया था। 22 अप्रैल को अग्निशमन विभाग के निरीक्षण में फिर खामियां पाई गईं। इसकी रिपोर्ट प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को भी भेजी गई, लेकिन फिर भी अस्पताल को कोविड अस्पताल बना दिया गया, जबकि उसी दौर में देश के कई कोविड अस्पतालों में आग लगने से मरीजों की मौत होने की घटनाएं हुई थीं। श्री पारस अस्पताल को क्लीन चिट देने के मामले में प्रशासन कटघरे में हैं, लेकिन अस्पताल को प्रशासन का सहयोग बीते साल से ही लगातार मिल रहा था। न केवल आक्सीजन मामले में, बल्कि संक्रमण और अग्निशमन खामियों के बाद भी प्रशासन ने अस्पताल पर कोई कार्रवाई नहीं की।