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UP: 'पुलिस ने पकड़ कर मारा... फिर पेट्रोल-डीजल डाल जला दी लाश', नीरज एनकाउंटर में नया मोड़; भाई के गंभीर आरोप

Sun, 03 Aug 2025 02:31 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

मथुरा में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए मृतक नीरज के परिवार में आक्रोश है। भाई ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि पुलिस ने नीरज को पकड़ कर मार दिया। इसके बाद पेट्रोल-डीजल डालकर शव जला दिया। पुलिस ने घर जाकर एक दिन पहले तलाशी ली थी। अगले दिन कोरे कागज पर अंगूठा लगवाया।
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mathura encounter - फोटो : अमर उजाला
"मेरे भाई नीरज ने कोई लूट की वारदात नहीं की थी। वह एक अधिकारी की गाड़ी चलाता था। उसे फंसाया गया है। एक दिन पहले पुलिस ने घर आकर तलाशी ली। पत्नी सीमा को बंदूक का भय दिखाकर कमरे में बंद कर दिया। पुलिस कुछ सामान उठा कर ले गई। अगले दिन घर आकर पत्नी से कोरे कागज पर साइन कराए। उसके बाद बताया कि एनकाउंटर में नीरज मर गया है। यह कहना था गांव धाना, सैंया के मनोज बघेल का।"

वह भाई नीरज की मौत के बाद से सदमे में हैं। उन्होंने पुलिस पर नीरज को पकड़ कर गोली मारने का आरोप लगाया। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और डीजीपी से करने की बात भी कही है। 
 
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नीरज के परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह था मामला
दरअसल, मथुरा के फरह क्षेत्र में गोविंद नगर के व्यापारी से हुई चांदी लूट के मामले में पुलिस ने मुठभेड़ में दो बदमाशों को गिरफ्तार किया था। इनमें सैयां इलाके का रहने वाला नीरज भी शामिल था। उसके पैर में गोली लगी थी। शुक्रवार तड़के उसे एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। 2 घंटे बाद इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने जब परिजन को उसकी मृत्यु की जानकारी दी तब उसके दोनों भाई गुजरात की मोरबी में ट्रक चलाने गए हुए थे।
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नीरज के परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नीरज तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़े भाई मनोज और नरेंद्र ट्रक चलाते हैं। भाई मनोज ने बताया कि छोटा भाई नीरज पहले उनके साथ ट्रक पर ही काम करता था। बाद में उसने अपना ट्रैक्टर खरीद लिया। 2 साल पहले एक अधिकारी की गाड़ी चलाने लगा था। इस कारण ट्रैक्टर को बेच दिया। अधिकारी के साथ ही वह विभाग में नौकरी के लिए प्रयास में लगा था।

 

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मथुरा एनकाउंटर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नीरज की भाभी सीमा ने बताया कि नीरज छुट्टी मिलने पर सप्ताह में एक बार ही घर आ पाता था। उसका कमरा अलग था। जिस पर वह नौकरी पर जाने से पहले ताला लगा देता था। सोमवार को वह कासगंज के सोरों से कांवड़ लेकर आया था। मंगलवार दोपहर तक वह घर में ही रहा।
 
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मथुरा एनकाउंटर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद उसे दोस्त अपनी बहन के घर ले जाने के लिए साथ ले गया। शाम को 5 बजे वह फिर लौटकर आया। फिर किसी काम से चला गया था। रात को 9 बजे घर आकर खाना खाया और अपने कमरे में जाकर सो गया। बुधवार को भी पूरे दिन घर में ही रहा।

 
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मथुरा एनकाउंटर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बृहस्पतिवार को सुबह बाइक लेकर निकला था। उसके बाद लौटकर नहीं आया। उन्हें लग रहा था कि वह नौकरी पर चला गया होगा। दोपहर में 2:30 बजे घर पर एक गाड़ी में बिना वर्दी पहने चार-पांच पुलिस वाले आए। घर में दनदनाते हुए घुस गए। उस समय वह अपने कमरे में बच्चों के साथ सो रही थी। तभी किसी ने बताया कि कुछ लोग घुस गए हैं।
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मथुरा एनकाउंटर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस पर वह बाहर निकल कर आए तो पुलिस वालों ने बोला कि अंदर चली जाओ। इस दौरान बंदूक भी दिखाई। वह डर की वजह से कमरे में चली गई। पुलिसकर्मी नीरज के कमरे की तलाशी लेने लगे। इस दौरान घर के बाहर पड़ोसी इकट्ठा हो गए थे। पुलिसकर्मियों ने उनके वीडियो बनाना शुरू कर दिया और कहा कि अगर कुछ बोला तो तुम भी पकड़े जाओगे। इस वजह से सभी लोग वहां से दूर हट गए। बाद में पुलिस कुछ सामान अपने साथ ले जाती हुई दिख रही थी। उन्हें कुछ जानकारी नहीं लग सकी।

 

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मथुरा एनकाउंटर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कोरे कागज पर लगवाया अंगूठा
शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रधान राजेश मौर्य के साथ थाना सैंया सहित अन्य पुलिस वाले घर पर आए थे। बिना कुछ बताएं कोरे कागज पर अंगूठा लगवा लिया। ज्यादा पूछने पर बताया कि एनकाउंटर में नीरज मर गया है। यह सुनकर उनके पैरों से जमीन खिसक गई। इतनी जानकारी देने के बाद पुलिस वाले चले गए। वह अपने रिश्तेदारों को बता रही थी। घर वालों का इंतजार कर रही थीं मगर शाम को 7 बजे पुलिस वाले नीरज का शव लेकर आए। तब कहने लगी जल्दी अंतिम संस्कार करना होगा। 

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मथुरा एनकाउंटर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने कहा कि पति और ननद आ जाएं तभी वह अंतिम संस्कार करवाएंगे। लेकिन कोई मानने को राजी नहीं हुआ। आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने कहा कि अगर गांव में अंतिम संस्कार नहीं करोगे तो ताजगंज श्मशान घाट पर ले जाएंगे। 20 मिनट ही शव रखने दिया। चेहरा भी नहीं देखने दिया। बाद में भतीजे को एक कंडा रखवा कर मुखाग्नि दिला दी।

 

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मथुरा एनकाउंटर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिसकर्मियों पर दर्ज होना चाहिए केस
शनिवार सुबह भाई मनोज घर पहुंचे। उनका कहना है कि वह मुख्यमंत्री और डीजीपी से शिकायत करेंगे। नीरज ने किसी भी तरह की लूट नहीं की थी। फिर भी पुलिस ने जबरन फंसा कर मार दिया। अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार के लोगों को भी इकट्ठा नहीं होने दिया। उसके चेहरे पर गोली मारी गई थी। इस वजह से चेहरा नहीं देखने दिया गया। 
 

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मथुरा एनकाउंटर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अगर पुलिस ने उससे माल बरामद कर लिया था तो उसे गोली क्यों मारी गई। पुलिस उसे मार कर क्या दिखाना चाहती थी। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्हें सजा मिलनी चाहिए वह इस संबंध में मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थनापत्र देंगे।

 

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मथुरा एनकाउंटर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पेट्रोल-डीजल लेकर आए थे पुलिस वाले
भाई मनोज ने आरोप लगाया कि जिस समय अंतिम संस्कार किया गया उस समय बारिश हो रही थी। आग जलाना आसान नहीं था। इस वजह से पुलिस वाले पूरी तैयारी करके आए थे। उन्होंने गांव के पास से ही पेट्रोल पंप से पेट्रोल और डीजल की पांच-पांच लीटर की केन ली थी। लकड़ी नहीं जलने पर पेट्रोल और डीजल डाला था। जिससे कि अंतिम संस्कार करने में किसी तरह की देरी नहीं हो जाए। घर वाले पहुंच जाते तो वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाते। इस वजह से ही पुलिस जल्दबाजी कर रही थी।
 
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मथुरा एनकाउंटर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा में हुई लूट के मामले में पुलिस ने एक दिन पहले गांव के एक युवक को पकड़ा था। वह कमला नगर क्षेत्र में एक लैब पर काम करता है। मूल रूप से राजस्थान के धौलपुर का रहने वाला है। वर्तमान में गांव में अपने मां के घर पर रहता है। वह अपनी ड्यूटी पर जा रहा था। रोहता नहर पर उसे पकड़ लिया गया था। उससे पूछताछ की गई थी इस बारे में उसके घर वालों को कोई जानकारी नहीं दी गई है। परिजन उसकी तलाश कर रहे हैं। आशंका है कि पुलिस ने गांव के लोगों की फोटो उसे दिखाई थी। इसके बाद ही नीरज को पकड़ा गया था।
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