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ताजमहल के शहर में दाग लगा रही 'कचरा व्यवस्था', अधिवेशन में हंगामे के बाद भी लगे ढेर

Fri, 26 Jun 2020 12:44 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • बार कोड आठ माह से शोपीस
  • कई जगह टूट गए, स्कैनर खराब हुए
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सड़क किनारे कूड़ा - फोटो : अमर उजाला
नगर निगम के बजट अधिवेशन में बुधवार को डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन घोटाले के नाम पर जोरदार हंगामा होने के बावजूद घरों से कूड़ा नहीं उठा। 80 हजार से ज्यादा घरों में वाहन पहुंचे ही नहीं। मजबूरी में लोगों ने घर के पास के डस्टबिन में और सड़क किनारे ही कूड़ा फेंका। घरों के बाहर लगे बार कोड आठ माह से शोपीस बने हैं। कई जगह टूट गए हैं। इन्हें स्कैन करके मैसेज भेजने वाली प्रक्रिया बंद है। स्कैनर खराब हो रहे हैं। 
 
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सड़क किनारे लगे कूड़े के ढेर - फोटो : अमर उजाला
नगर निगम के लिए स्मार्ट सिटी ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन पर नजर रखने के लिए 2.25 लाख घरों पर क्यूआर कोड कार्ड लगाया था, जिसे हैंड हेल्ड डिवाइस (कार्ड रीडर) के जरिये स्कैन करने से पूरी जानकारी हो जाती कि शहर में कितने घरों से कूड़ा लिया गया। इसमें पारदर्शिता के लिए मैसेज भी जाता जो मकान स्वामी और दूसरा कमांड कंट्रोल सेंटर में पहुंचता, लेकिन ये व्यवस्था डोर-टू-डोर कंपनियों के जाते ही बंद हो गई। 

बजट अधिवेशन में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन घोटाला पर जबरदस्त हंगामा, राज्यमंत्री ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
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सड़क किनारे लगे कूड़े के ढेर - फोटो : अमर उजाला
घर से एक दिन भी कूड़ा उठाने कोई कर्मचारी नहीं आया है। बार कोड लगा है, बारिश में खराब हो गया है - रश्मि यादव, महर्षिपुरम

बार कोड लगाते समय कर्मचारियों ने कहा कि आठ दिन में डोर -टू-डोर कूड़ा उठेगा, आठ महीने बीत गए, कूड़ा नहीं उठा - मोनी पारीक, तोता का ताल

हम कूड़ा लेकर कूड़ेदान में फेंकते हैं, वहां से भी दो-दो दिन कूड़ा नहीं उठता है - अनिल तिवारी, बोदला

 

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आगरा नगर निगम
नगर निगम ने स्मार्ट मॉनीटरिंग के नाम पर 150 से ज्यादा वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाए। कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर कितना कूड़ा लेकर वाहन गए, यह कंट्रोल रूम को पता चल जाता था पर बाद में गाड़ियों से जीपीएस खराब कर दिए गए।  
 
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डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के मामले में पूरे प्रदेश में सबसे सख्त कार्रवाई आगरा नगर निगम ने की। पांचों कंपनियों के करार रद्द किए। कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया। कंपनियां जितना पैसा ज्यादा ले चुकी थी, नगर निगम ने उन सब की आरसी निकाल कर उनसे वसूली की कार्रवाई शुरू की। एफआईआर दर्ज कराई। अब कार्रवाई पुलिस करेगी। मैंने खुद एसएसपी से इस मसले पर बात की है। वह इस जांच को आगे बढ़ाएंगे। मेरा संदेश साफ है कि कोई भी भ्रष्ट अधिकारी या कंपनी गड़बड़ी करेगी, उसे जेल जाना ही होगा। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन पर हमारा फोकस रहेगा और जो खामियां है, मैं अधिकारियों के साथ बैठकर दूर करूंगा। - नवीन जैन, मेयर 
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