फिरोजाबाद के एसआरके डिग्री कॉलेज में बुर्का पहनकर आने वाली छात्राओं को प्रवेश न दिए जाने का मामला गरमा गया है। इस मामले को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। मुस्लिम छात्राओं के अभिभावक भी कॉलेज प्रशासन से मिले। वहीं अनुशासन समिति के सचिव शहरयार अली ने कहा कि ड्रेस कोड सख्ती से लागू किया जाएगा। मुस्लिम छात्राओं को अगर बुर्के में क्लास में रहना है तो उन्हें यूनिफॉर्म के रंग का ही बुर्का पहनना होगा।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को एसआरके डिग्री कॉलेज में छात्र गुटों के बीच हुए झगड़े के बाद कॉलेज प्रशासन ने ड्रेस कोड सख्ती से लागू करने का आदेश जारी किया है। कॉलेज में कई मुस्लिम छात्राएं बुर्के में आती हैं उनके लिए भी कहा गया कि कॉलेज में चेंजिंग रूम बना है। छात्राएं वहां बुर्का उतारकर ड्रेस कोड में ही कक्षा में जाएं। इस पर कई अभिभावकों ने आपत्ति जताई है।
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कॉलेज अनुशासन समिति के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को छात्राओं के अभिभावक कॉलेज की अनुशासन समिति से मिले। अभिभावकों ने प्रशासन से भी मांग की है कि कॉलेज की मनमानी को रोका जाए। उधर, समाजवादी पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष जर्रार अहमद, सरफराज खान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह से मिला। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर एसआरके कॉलेज में बुर्का पर प्रतिबंध हटाने की मांग की।
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छात्र-छात्राओं के लिए ड्रेस और आईकार्ड अनिवार्य
- फोटो : अमर उजाला
डीएम चंद्र विजय सिंह ने कहा कि यह कालेज का अंदरूनी मामला है। उन्हें जानकारी मिली है कि कॉलेज ने ड्रेस कोड लागू किया है। इसलिए कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं से यूनीफार्म में आने के लिए कहा है। फिर भी जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से पूरे मामले की जानकारी कराई जा रही है। कुछ लोग मुझसे मिले थे और मुस्लिम छात्राओं को बुर्के में कॉलेज में प्रवेश पर रोक के संबंध में बता रहे थे। मामले की जानकारी करा रहे हैं।
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कॉलेज में बुर्का उतारती छात्रा
- फोटो : अमर उजाला
कॉलेज की अनुशासन समिति के अधिकारी प्रो. शहरयार अली ने बताया कि सामाजिक संगठनों एवं राजनैतिक दल के लोग कॉलेज में आए थे। बुर्का पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। कॉलेज में छात्राएं बुर्का पहनकर आएं। चेंजिंग रूम में चेंज करें। कॉलेज में ड्रेसकोड का पालन सभी छात्र-छात्राओं को करना होगा। यदि कोई छात्रा क्लास में बुर्का पहनकर पढ़ना चाहती है तो ड्रेसकोड के रंग का बुर्का बनवा लें। कॉलेज का पहचान पत्र भी साथ में रखना होगा।
सोमवार को कॉलेज के बाहर तैनात रही पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
प्राचार्य डॉ प्रभाष्कर राय ने बताया कि कॉलेज में पढ़ाई का माहौल रहे। बाहरी तत्व प्रवेश नहीं करने पाएं इसीलिए ड्रेसकोड एवं आईकार्ड को अनिवार्य किया है। बाहरी तत्वों के कारण ही छह सितंबर को घटना हुई थी। बुर्का पर कोई प्रतिबंध नहीं है। छात्राएं बुर्का पहनकर आएं। कॉलेज के चेंजिंग रूम में चेंज करें। क्लास में पढ़ाई करें जाते वक्त उसे पहनकर जाएं।