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जेई हत्याकांड: मासूम बेटे ने दी मुखाग्नि, छलक उठीं लोगों की आंखें, मंत्री बोले, सरकार परिवार के साथ

Sat, 18 Jan 2020 12:03 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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प्रदीप कुमार का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बिजली विभाग के जेई प्रदीप कुमार (33) का शव आगरा के नगरिया, चक छह (सेवला जाट) आवास पर पहुंचा तो पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के अलावा भी हर किसी की आंख में आंसू थे। पत्नी पिंकी शव से लिपटकर बिलखकर रो रही थीं और मां रामबेटी देवी भी बेटे की मौत से सकते में थीं। आठ साल के बड़े बेटे लक्ष्य ने पिता को मुखाग्नि दी।
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दिवंगत प्रदीप कुमार के पुत्र व परिवारीजन - फोटो : अमर उजाला
बेटा भी पिता के शव को देखकर बार-बार बिलख रहा था। जेई प्रदीप कुमार के छोटे बेटे वंश (4) को कुछ भी आभास नहीं था। पूरे परिवार के अलावा बिजली विभाग के अफसर, कर्मचारी और रिश्तेदार भी एकत्रित हुए। हर कोई जेई की अच्छाई के बारे में चर्चा करते दिखे। सभी यह चर्चा कर रहे थे कि आखिर जेई की हत्या कौन कर सकता है, जबकि मृतक के बड़े भाई राजू किसी भी रंजिश से इनकार कर रहे हैं। अगर हत्या रंजिश में नहीं हुई तो आखिर जेई की बेरहमी से हत्या किसने की। हर कोई एक ही स्वर से हत्याकांड का खुलासा करने की मांग कर रहे थे।
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ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा - फोटो : amar ujala
जेई प्रदीप कुमार की हत्या के मामले में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यह घटना दुखद है। ऐसी घड़ी में प्रदेश सरकार जेई प्रदीप कुमार के परिवार के साथ है। परिवार को हरसंभव मदद दिलाई जाएगी। हत्या के मामले में खुलासे के लिए प्रशासन जुटा है। प्रशासन से जो इनपुट मिल रहा है उससे लग रहा है कि कोई परिचित ही रहा है जिसने वारदात को अंजाम दिया है। जेई के परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
 

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जेई प्रदीप कुमार की हत्या के विरोध में प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
जेई प्रदीप कुमार की हत्या के विरोध में शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में हुए प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने चीफ इंजीनियर एके चौधरी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।
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जेई की हत्या के बाद मौन रखे कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
कर्मचारियों का कहना था कि चीफ इंजीनियर एके चौधरी ने बृहस्पतिवार की रात मथुरा में अधिकारियों के साथ बैठक की और रात सवा नौ बजे यहां से चले गए। रात साढ़े नौ बजे जेई प्रदीप कुमार की हत्या हो गई। इसकी खबर भी चीफ इंजीनियर को दी गई, लेकिन वह लौटकर मथुरा नहीं आए। शुक्रवार को भी आईजी, मंडलायुक्त, एमडी मथुरा आए लेकिन चीफ इंजीनियर नहीं आए। इसी को लेकर बिजली कर्मचारियों का गुस्सा चीफ इंजीनियर के खिलाफ फूटा।
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