जिसका जलवा कायम है, उसका नाम मुलायम है। लोकसभा चुनाव 2014 में मोदी की सुनामी थी। अच्छे-अच्छों के किले इस सुनामी में ढह गए थे, लेकिन मुलायम सिंह यादव की जीत का सिलसिला नहीं थमा। हम बात कर रहे हैं मैनपुरी जिले की। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का आज निधन हो गया है। वह 81 साल के थे। मुलायम सिंह यादव के निधन की खबर से मैनपुरी में शोक की लहर दौड़ गई है।
समाजवादी पार्टी बनने के बाद से अब तक मैनपुरी लोकसभा सीट पर कुल नौ चुनाव हुए, जिसमें हर बार सपा जीती। पांच बार खुद मुलायम सिंह यादव यहां से चुनाव लड़े और जीतकर संसद पहुंचे। 1998 और 1999 में भले ही बलराम सिंह यादव ने चुनाव लड़ा, लेकिन जीत मुलायम के जलवे की हुई। 2004 के उपचुनाव में नेताजी के भतीजे धर्मेंद्र यादव और 2014 के लोकसभा चुनाव में मुलायम के पौत्र तेजप्रताप यादव यहां से चुनाव जीते, लेकिन इस बार भी पर्दे के पीछे मुलायम की ही जीत हुई। मैनपुरी में मुलायम का जलवा इस तरह कायम है कि आज तक विपक्षी दल एक बार भी इस सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सके।
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mulayam singh yadav
- फोटो : Social Media
मैनपुरी लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी का वर्ष 1996 से कब्जा चला आ रहा है। वर्ष 1996 में पहली बार मैनपुरी लोकसभा सीट से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने चुनाव लड़ा और 52 हजार वोट से जीत हासिल की। इसके बाद उनकी जीत का आंकड़ा बढ़ता चला गया।
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मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2019 के चुनाव में जीत के आंकड़े में गिरावट आई है। सपा-बसपा के बीच गठबंधन होने से पार्टी नेता और कार्यकर्ता सपा संरक्षक की जीत पांच लाख वोटों के आसपास होने का दावा कर रहे थे। खुद मंच से पार्टी नेताओं ने एलान किया था कि मुलायम सिंह को यहां से ऐतिहासिक जीत मिलेगी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
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मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
कब कितने वोट से जीते मुलायम
लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे
सपा प्रत्याशी मुलायम सिंह यादव- 524926
भाजपा प्रत्याशी प्रेम सिंह शाक्य- 430537
जीत का अंतर - 94389