समाजवादी पार्टी के संरक्षक पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव एटा को अपने दूसरे घर की तरह मानते थे। अपने शासन काल में एटा को कई मामलों में उन्होंने तरजीह भी दी। वर्ष 1993 में एटा की निधौली कलां विधानसभा सीट से चुनाव लड़े और जीतने के बाद मुख्यमंत्री बने।
उस समय बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद अयोध्या में श्रीराम मंदिर को लेकर भाजपा की लहर थी। इस लहर को रोकने के लिए मुलायम सिंह और कांशीराम साथ आए थे। मुलायम सिंह यादव ने नए दल समाजवादी पार्टी का गठन किया और यह पहला ही चुनाव था। हालांकि मुलायम सिंह का कद राजनीतिक बुलंदियां छू रहा था। इससे पूर्व वर्ष 1989 में वह सूबे के मुख्यमंत्री रह चुके थे।