कोरोना वायरस से जंग में चिकित्सक मां बच्चों को अधिक समय नहीं दे पा रही हैं। बच्चों को उनसे कम समय तक मिल पाने का दुख है, लेकिन उतना ही गर्व भी। मां के लिए बच्चे कविता लिख रहे हैं। टिफिन बनाकर दे रहे हैं। बच्चों की प्यार की खुराक मां को इस लड़ाई में कमजोर नहीं पड़ने दे रही। मदर्स डे पर पढ़िए ऐसी बहादुर मांओं की कहानी...
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बच्चों के साथ डॉ अंजना पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
रोल मॉडल है मेरी मां
एसएन मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में इमरजेंसी इंचार्ज की भूमिका निभा रहीं डॉ. अंजना पांडेय के दो बेटे हैं। अग्रिम गुप्ता (कक्षा सात) और अग्रित गुप्ता (कक्षा चार)। अग्रिम बोले, मां उनके लिए रोल मॉडल हैं। घंटों दूर रहती हैं, इससे मन दुखी होता है लेकिन उन पर गर्व भी होता है कि वह संकट में सभी की सेवा कर रही हैं।
डॉ. अंजना पांडे कहती हैं कि बड़े बेटे का व्यवहार देख उनकी सारी थकान दूर हो जाती है। घर पहुंचने पर फल-पानी लेकर तुरंत पहुंच जाते हैं। छोटे बेटे को वह खुद पढ़ाती हैं, अब समय नहीं मिलता तो अग्रिम ने यह जिम्मेदारी भी ले ली है। वह छोटे भाई को भी पढ़ा रहे हैं। सुबह कभी-कभी मां के लिए टिफिन भी बनाते हैं।
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डॉ. अमृता गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना योद्धा मां पर गर्व है
एसएन मेडिकल कॉलेज में कोविड आईसीयू और ओटी का कार्य देख रही डॉ. अमृता गुप्ता की एक बेटी आर्शी (13 वर्ष) और एक बेटा आरव सक्सेना (आठ वर्ष) है। बेटी आर्शी का कहना है कि मां कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच बड़ी मेहनत से काम कर रही हैं। वह मरीजों की देखभाल अपनी सेहत को जोखिम में डालकर सेवाएं दे रही हैं। ऐसी मां पर उन्हें गर्व हैं।
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डॉ. अमृता गुप्ता के बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. अमृता गुप्ता के बच्चों को खुशी है कि संकट की इस घड़ी में लोगों की जान बचाने के लिए मां सेवाएं दे रही हैं, वह मां को सलाम करती हैं। उनके पिता भी चिकित्सक हैं और कोविड-19 के मरीजों की मदद कर रहे हैं। डॉ. अमृता का कहना है कि बच्चों से उन्हें ऊर्जा मिलती है।
सुपर वुमैन है मेरी मां
एसएन मेडिकल कॉलेज में मैटर्न के रूप में सेवाएं दे रहीं शालिनी जॉनसन की दो बेटी हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी अश्मिता जॉनसन गुड़गांव में एक निजी कंपनी में काम करती हैं। अश्मिता बोलीं कि मां उनके लिए प्रेरणास्रोत हैं। काम के प्रति उनके समर्पित भाव को देख गर्व की अनुभूति होती है। वो सुबह से रात तक घर से लेकर अस्पताल की जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाती है। मां उनके लिए सुपर वुमैन हैं। उन्होंने मां के लिए कविता भी लिखी है- मेरी प्यारी मां आप हो सबसे खास, आपके होने से हम सब जीभर लेते हैं सांस।