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बिटिया के लिए उपहार लाए...वो दुनिया छोड़ गई, मातम में बदल गईं जन्मदिन की खुशियां

Mon, 25 Feb 2019 11:23 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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मां रितु के साथ मासूम कायरा
घर में बिटिया के जन्मदिन के जश्न की तैयारी चल रही थी। पापा-दादा गिफ्ट ले आए थे। बिटिया को सरप्राइज देना चाहते थे, लेकिन एक घटना ने परिवार की सारी खुशियां छीन ली। छोटी बिटिया अपनी मां और बहन के साथ दुनिया को अलविदा कह गई। बाथरूम में एक तरफ मां का शव पड़ा था तो दूसरी तरफ दोनों बेटियों के शव। हर कोई इस घटना से हैरान रह गया। पापा, दादा-दादी फफक फफक कर कह रहे थे कि हे भगवान ये तूने क्या किया। 
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मृतक मां-बेटियों के फाइल फोटो
आगर के शाहगंज की पॉश कॉलोनी पांडव नगर में कारोबारी रोहित धूपड़ की पत्नी रितू (38) और दो बेटियां कायरा (3) और सचिका (6) की मौत ने सबको झकझोर दिया है। तीनों के शव बाथरूम में मिले। रितू के सिर में शैंपू लगा था। मौका-ए-वारदात देखकर माना जा रहा है कि मां-बेटियों को जान बचाने का मौका तक नहीं मिला।
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बाथरूम में जांच करता अधिकारी
रितू बाथरूम के गेट से थोड़ी दूरी पर थीं। माना जा रहा है कि गैस तेजी से फैली। उन्हें कपड़े पहनने तक का समय नहीं मिला। पुलिस ने सिलिंडर चेक कराया तो इसमें गैस नहीं थी। यह पूरा खाली हो चुका था। मौत की वजह दम घुटना मानी जा रही है। हालांकि पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। गीजर की गैस लीक हो गई थी। बाथरूम का गेट अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाले गए।

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मृतकों के फाइल फोटो
कायरा का जन्मदिन 27 फरवरी को है। घर में इसकी तैयारी चल रही थी। बड़ी पार्टी की तैयारी थी। रिश्तेदारों को बुलाया गया था। कायरा बहुत खुश थी, बहुत सारे उपहार जो मिलने वाले थे। कहती थी कि दादाजी, आप मुझे बड़ा सा गिफ्ट देना। दादा कहते, क्यों नहीं बिटिया रानी, आपको जो पसंद हो, वही लाएंगे। मम्मी-पापा से कहा था, पापा, आप और मम्मी दोनों अलग-अलग गिफ्ट देना? परिवार के अन्य लोग आसपास ही रहते हैं।
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रोते बिलखते परिजन
कई लोग एडवांस में गिफ्ट ले आए थे। एक रिश्तेदार को रविवार को फुर्सत थी, वो उपहार लेकर ही आया था। पता चला, जिसके लिए लाया है, उसकी मौत हो गई तो सुनकर सन्न रह गया। आंखों से आंसू गिरने लगे, हाथों से गिफ्ट छूट गया। दोनों बहनें शाम को पार्क में खेलती थीं। सहेलियां उन्हें ढूंढ रहीं थी। किसी को क्या पता था कि वे अब कभी नहीं आएंगी खेलने के लिए। 
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रोते बिलखते परिजन
दादा डॉक्टर नवीन का रो रोकर बुरा हाल है। हादसे का पता चलने पर दूर-दूर से लोग आए। डॉ. नवीन खुराना का दवाखाना पहले रूई की मंडी पर था। घटना का पता चलने पर भाजपा नेता हेमंत भोजवानी भी पहुंच गए। सचिका सेंट पैट्रिक में यूकेजी में पढ़ती थी। परीक्षा के बाद पहली कक्षा में आना था। कायरा पास के प्ले स्कूल में पढ़ती थी। दोनों बहनें पढ़ाई में बहुत होशियार थीं। खेलकूद में भी आगे रहती थीं।
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बेटियों के शव को देखकर रोते परिजन
पिता रोहित का हाल देखकर आसपास के लोग भी आंसू रोक नहीं पा रहे थे। रोहित ने कई बार कायरा को गले से लगाकर कहा कि उठ बेटा, तेरा बर्थ डे, देख, तेरे लिए सब गिफ्ट लाएं हैं। पड़ोस की महिला ने कहा, बेटा चुप हो जा। जवाब मिला, आंटी कैसे चुप हो जाउं, मेरी तो दुनिया लुट गई।
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