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पलायन का सिलसिला जारी, बस स्टैंड पर उमड़ी भारी भीड़, सामाजिक दूरी नियम की धज्जियां उड़ीं

Mon, 11 May 2020 12:07 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आईएसबीटी पर पहुंचे श्रमिक - फोटो : अमर उजाला
प्रवासी श्रमिकों की भीड़ एक बार फिर से शहर में आने लगी है। अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) पर रविवार को भी 600 से ज्यादा श्रमिक पहुंचे। इनमें प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड, उत्तराखंड तक के मजदूर शामिल थे। गंदगी के ढेर के बीच मजदूर बसों का इंतजार कर रहे थे।
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आईएसबीटी पर घर पहुंचने के लिए पहुंचे श्रमिक - फोटो : अमर उजाला
आईएसबीटी पर दिल्ली, फरीदाबाद, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा से मजदूरों के समूहों का आगरा पहुंचने का सिलसिला दोबारा से बढ़ गया है। रविवार को दोपहर एक बजे तक 600 से अधिक मजदूर आईएसबीटी पर जमा हो गए। इनमें प्रदेश के रहने वाले मजदूरों को बसें मुहैया कराने का आश्वासन दिया गया, जबकि बिहार के मजदूरों को यहां रोक दिया गया। दोपहर बाद औरेया, इटावा, कानपुर देहात, कौशांबी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, मैनपुरी जिलों के लिए मजदूरों को रवाना किया गया। इसके पहले बस स्टैंड पर थर्मल स्क्रीनिंग की गई और खाने के पैकेट भी बांटे गए।
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घर जाने के लिए पहुंचे श्रमिकों के नाम-पते नोट करते परिवहन विभाग के अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
आईएसबीटी पर मजदूरों को खाने के पैकेट, पानी की बोतलें आदि दी जा रही हैं। इस कारण बस स्टैंड परिसर में भारी गंदगी बिखरी हुई है। श्रमिक और उनके बच्चे भी इसी गंदगी के बीच बैठे रहे। उनका कहना था कि किसी तरह बस मिल जाए, वह अपने गांव लौटना चाहते हैं। अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर परिवहन निगम और प्र्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने के बाद भी बस स्टैंड पर भारी अव्यवस्थाएं हावी रहीं। एनाउंसमेंट सिस्टम तक काम नहीं कर रहा था। ऐसे में मजदूरों की भीड़ एक बस से दूसरी बस की ओर भाग रही थी।
 

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थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान सोशल डिस्टेंस की उड़ी धज्जियां - फोटो : अमर उजाला
बस स्टैंड पर सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए भी श्रमिकों को चेतावनी नहीं दी जा रही थी। आगरा कोरोना संक्रमण का बड़ा केंद्र है, इसके बाद भी यहां मजदूर बस स्टैंड परिसर में सटकर बैठे हुए थे और आराम फरमा रहे थे। रोडवेज कर्मचारी संक्रमण के डर की वजह से उन्हें दूर दूर बैठने के लिए भी नहीं कह रहे थे। 
 
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रोडवेज बस द्वारा गृह जनपद जाते श्रमिक - फोटो : अमर उजाला
मजदूरों की उमड़ती भीड़ के कारण परिवहन निगम को बसों का इंतजाम करना भारी पड़ रहा है। परिवहन निगम के सेवा प्रबंधक एसपी सिंह ने बताया कि रोजाना 100 बसें हरियाणा बॉर्डर पर भेजनी पड़ रही हैं। इसके अलावा आगरा कैंट स्टेशन पर बसें भेजीं। इसके बाद आईएसबीटी से 40 से ज्यादा बसें चलाईं। प्रशासनिक अधिकारी डिमांड भेज देते हैं लेकिन 60 से ज्यादा कर्मचारी छुट्टी पर चल रहे हैं। आखिर बसों को चलाएगा कौन। लॉकडाउन के दौरान भी रोडवेज के ज्यादातर कर्मचारी काम पर हैं, इसके बाद भी व्यवस्थाएं करना मुश्किल हो गया है। 
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