आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की एमबीबीएस परीक्षा में एक विषय की कॉपी बदलने के 1.50 लाख रुपये लिए जाते थे। गैंग के गुर्गे छात्रों से पहले ही रकम ले लेते थे। बीएएमएस की एक कॉपी बदलने के 60-70 हजार रुपये लेते थे। एमबीबीएस और बीएएमएस की कॉपियां बदलने के मामले में पकड़े गए विश्वविद्यालय के तीन कर्मचारियों और एक पूर्व कर्मचारी से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है।
मुख्य आरोपी बनाए गए छात्र नेता राहुल पाराशर से रिमांड के दौरान हुई पूछताछ के बाद सोमवार को शैलेंद्र बघेल उर्फ शैलू, उमेश, भीकम सिंह और शिवकुमार को गिरफ्तार किया गया था। शिवकुमार पूर्व कर्मचारी है, अन्य वर्तमान में विश्वविद्यालय में काम कर रहे हैं।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि इन आरोपियों से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। एमबीबीएस-बीएएमएस के लिए अलग-अलग रकम ली जाती थी। राहुल पाराशर का गैंग बीएएमएस की कॉपियां बदलवाता था, जबकि शिव कुमार का गैंग एमबीबीएस की कॉपियां बदलवाता था।