जोधपुर झाल बना परिंदों का ठिकाना
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मथुरा व आगरा के लिए बना आकर्षण का केंद्र
पक्षी विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह बताते हैं कि यहां के वेटलैंड, वाटर बॉडी, ड्राई लैंड, ग्रास लैंड, प्लांट श्रव हैबिटेट और बहते पानी के हैबिटेट होने के कारण बगुला, सारस व अन्य विभिन्न प्रजातियों के पक्षी मौजूद हैं। यहां घास की प्रजातियों में टाइफा ओरियेन्टेलिस (सरकंडा), सेचूरम बेंगलेंस, सेचुरम मुंजा, व्हाइट ग्रास बहुत अधिक मात्रा में है। फीनिक्स डैक्टाइलिफेरा (खजूर), हींस व पीलू की अधिक संख्या व चारों तरफ बिछा नहरों का जाल व कम गहरे व साफ पानी की झील भी इस हैबिटेट को विशेषता प्रदान कर रही है। झाल के आसपास के खेत इस हैबिटेट का विस्तार करते हैं। 125 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल का इस तरह का आकर्षक हैबिटेट मथुरा व आगरा के लिए आकर्षण का केंद्र है।