मथुरा में 15 मई सोमवार की रात को होलीगेट के पास कोयलावाली गली में हुई दो सराफा कारोबारियों की हत्या और करीब 4 चार करोड़ की लूट का मामला देश भर में सुर्खियों में रहा। सरेशाम इस हत्याकांड ने यूपी को सड़क से विधानसभा तक हिलाकर रख दिया। नतीजा सीएम और डीजीपी को खुद पूरे मामले की निगरानी करनी पड़ी। तस्वीरों में देखिए प्रदेश की सियासत में भूचाल लाने वाले हत्याकांड की वारदात से खुलासे तक पूरी कहानी।
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नकाबपोश लुटेरों ने तड़ातड़ गोलियां बरसाकर सनसनी मचा दी
- फोटो : अमर उजाला
15 मई को देर शाम करीब साढ़े आठ बजे सराफ ध्रुव अग्रवाल अपनी दुकान पर बैठे थे। उनके साथ उनके भाई विकास अग्रवाल और दिल्ली में सराफा कारोबार करने वाले मेघ अग्रवाल भी थे। साथ ही दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी मौजूद थे। इसी दौरान वहां आए नकाबपोश लुटेरों ने तड़ातड़ गोलियां बरसाकर सनसनी मचा दी। गोली लगने से सराफ मेघ अग्रवाल की मौके पर ही मौत हो गई वहीं विकास ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। चार अन्य लोग घायल भी हुए।
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मथुरा में कत्ल
- फोटो : अमर उजाला
16 मई को मथुरा में सराफा कारोबारियों ने विकास के शव को होलीगेट पर रखकर प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार व पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। इसी दिन यह हत्याकांड विधानसभा में भी गूंजा। विपक्ष ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया और हंगामा किया। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी को खुद पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
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श्रीकांत शर्मा
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17 मई को मुख्यमंत्री के निर्देश पर मथुरा के विधायक, प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और डीजीपी सुलखान सिंह मथुरा पहुंचे और पीड़ित सराफा व्यापारियों के परिवारीजनों से मुलाकात की। मंत्री और डीजीपी ने वारदात के जल्द से जल्द खुलासे का आश्वासन दिया। इसके बाद मंत्री श्रीकांत शर्मा और डीजीपी सुलखान सिंह ने सर्किट हाउस में व्यापारियों से मुलाकात की। डीजीपी ने पुलिस अफसरों के साथ मीटिंग कर आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की रूपरेखा तैयार की।
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मेघ अग्रवाल के परिवारीजन होली गेट पर धरने
- फोटो : अमर उजाला
18 मई को मथुरा का माहौल तब गरमा गया जब मृत सराफा कारोबारी मेघ अग्रवाल के परिवारीजन होली गेट पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक भूख हड़ताल पर बैठे रहने की चेतावनी दी। इस पर पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सिटी मजिस्ट्रेट रामअरज यादव और एसपी सिटी अशोक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और 48 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर भूख हड़ताल खत्म कराई।
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राजबब्बर
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18 मई को ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर मथुरा पहुंचे और पीड़ित सराफा व्यापारियों के परिवार से मिले। इसके बाद राजब्बर ने मीडिया के सामने आकर प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अगर सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदेश को नहीं संभाल पा रहे हैं तो वे किसी और को जिम्मेदारी निभाने दें।
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डीजीपी सुलखान सिंह
इधर आगरा में 18 मई को रेंज की समीक्षा बैठक के बाद डीजीपी सुलखान सिंह ने प्रदेश भर में व्यापारियों की सुरक्षा को प्लान बनाने और मथुरा के सराफ हत्यांकाड का जल्द से जल्द खुलासा होने की बात कही। डीजीपी ने कहा कि तीन दिन में प्रदेश की पुलिस व्यथस्था में बड़े बदलाव दिखाई देंगे।
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सराफा कारोबारियों की हड़ताल
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19 मई को मथुरा सराफ हत्याकांड के विरोध में उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन ने प्रदेश बंद का आह्वान किया। इस दौरान पूरे प्रदेश में सराफा कारोबारियों ने अपने प्रतिष्ठान नहीं खोले। मथुरा में व्यापारियों ने डीएम और एसएसपी से कहा कि अगर आप अपराधियों को गिरफ्तार नहीं कर पा रहे हैं तो नौकरी छोड़ दे।
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राकेश उर्फ रंगा
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20 मई को सुबह सात बजे हत्याकांड के खुलासे में जुटीं टीम को सूचना मिली कि सराफा हत्याकांड के आरोपी मथुरा के रतनकुंड क्षेत्र में छिपे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए। इस दौरान हुई मुठभेड़ में पुलिस ने मुख्य आरोपी राकेश उर्फ रंगा, उसके भाई नीरज, कामेश उर्फ चीमा और आशीष व छोटू को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी विनोद मिश्र ने प्रेस कांफ्रेंस में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि रतनकुंड से पकड़े गए सभी आरोपी 15 मई को हुई सराफा व्यापारियों की हत्या और लूटकांड में शामिल थे। मुठभेड़ के दौरान इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की जिसमें सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। रंगा और उसके भाई नीरज को भी गोली लगी है। दोनों को उपचार के लिए आगरा के एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया।