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मथुरा डकैती कांड: हवा में लटके पैर, मुंह में ठूंसा कपड़ा, रूह कंपा देने वाला खाैफनाक मंजर; दो बदमाश हुए थे ढेर

Sat, 09 May 2026 05:24 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा के सुरीर थाना क्षेत्र के टैंटीगांव में हुए डकैती कांड के बाद परिवार अब भी दहशत में है। बदमाशों की बर्बरता की परिवार ने जो खाैफनाक दास्तां सुनाई, वह दिल दहला देने वाली है। बदमाशों ने परिवार के लोगों को उल्टा लटका दिया था। मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। 
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मथुरा एनकाउंटर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा के सुरीर थाना क्षेत्र के टैंटीगांव में बीती 23 अप्रैल की रात डकैती को अंजाम दिया गया था। नकाबपोश बदमाश व्यवसायी अजय अग्रवाल के घर में घुस गए थे। परिवार को धमकाकर करीब 30 लाख रुपये की नकदी और जेवरात लूट लिए थे। बृहस्पतिवार को पुलिस ने घटना में शामिल दो बदमाशों को पुलिस मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। 

डकैती की वारदात का शिकार टैंटीगांव निवासी अजय अग्रवाल के पिता प्रेम प्रकाश अग्रवाल आपबीती सुनाते हुए अब भी फफक पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि वो रात नहीं बल्कि साक्षात मौत का मंजर था। आज भी जब उस खौफनाक मंजर की याद आती है तो रूह कांप जाती है। उन्होंने बदमाशों की बर्बरता को न सिर्फ अपनी आंखों से देखा बल्कि दो घंटे तक सामना किया। बदमाशों ने उनके पैर बांधकर उल्टा करके जंगले से रस्सी बांधी दी थी और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। दो घंटे तक उन्हें इसी हाल में रहना पड़ा।

 
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दहशत में पीड़ित परिवार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने कहा कि बदमाशों ने घर में घुसते ही सबसे पहले उन्हें गहरी नींद से उठाया। पैर बांधकर जंगले से रस्सी बांधने के कारण दो घंटे तक उनका आधा शरीर बेड पर और पैर हवा में उठे रहे। मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, वह सांस लेने के लिए छटपटे रहे लेकिन बदमाशों को तरस नहीं आया। बताया कि उस दौरान आंखों में जो डर था वह आज भी परिवार को सोने नहीं देता। बदमाश पूरे घर को खंगालते रहे और परिवार के सदस्य बेबस होकर अपनी बर्बादी देखते रहे। इस घटना ने पूरे परिवार को मानसिक रूप से झकझोर दिया है।

 
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मथुरा एनकाउंटर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सेठ माल कहां हैं...पहलवान ने तोड़ी थी तिजोरी
मथुरा के टैंटीगांव में हुई डकैती की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, बदमाशों के बारे में महत्वपूर्ण खुलासे हो रहे हैं। वारदात के दौरान पंजाब निवासी पहलवान ने व्यापारी से पूछा था कि सेठ माल कहां है...इतनी देर में दूसरे बदमाश ने कहा पहलवान तिजोरी का ताला तोड़, फिर क्या था पहलवानी दिखाते हुए उसने तिजोरी का ताला ब्लूकटर से तोड़ दिया। फिलहाल पुलिस पहलवान की तलाश में जुटी है।

 

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मथुरा एनकाउंटर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस की जांच में सामने आया कि पहलवान उर्फ शंकर साधारण अपराधी नहीं बल्कि शटर, मजबूत ताले और भारी तिजोरियां तोड़ने में माहिर है। वह मूल रूप से पंजाब का रहने वाला है। वर्षों से बावरिया गिरोह का सदस्य है। फिलहाल पुलिस पहलवान के साथ अन्य बदमाशों की तलाश में जुटी है। पुलिस की कई टीमें अब पहलवान और उसके साथियों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए पंजाब और हरियाणा में दबिश दे रही हैं। इधर, डकैती के दौरान लूटा गया कीमती सामान और नकदी पहलवान और उसके साथियों के पास होने की उम्मीद है। पुलिस का मानना है कि पहलवान की गिरफ्तारी के बाद ही लूटे गए माल की शत-प्रतिशत बरामदगी संभव हो सकेगी।


 
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मथुरा एनकाउंटर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पप्पू व लम्बू के एनकाउंटर का होगा सीन रिक्रिएशन
टैंटीगांव में हुई वारदात में शामिल डकैत पप्पू उर्फ राजेंद्र और धर्मवीर उर्फ लम्बू के मुठभेड़ में ढेर होने के बाद पुलिस अब सीन रिक्रिएशन करेगी। एसएसपी श्लोक कुमार ने एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) और मजिस्ट्रेट जांच के लिए जिलाधिकारी को पत्राचार किया है। बृहस्पतिवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे सर्विस रोड पर पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें दो शातिर डकैत मारे गए थे। इनपहचान राजस्थान के अलवर क्षेत्र के बहरोड आंबेडकर नगर निवासी पप्पू उर्फ राजेंद्र और भरतपुर के थाना गहनौली मोड के रूपवास के ग्राम बोकोली निवासी धर्मवीर उर्फ लम्बू के रूप में हुई थी। ये बावरिया गिरोह के सक्रिय सदस्य थे और पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बने हुए थे। अधिकारियों के अनुसार किसी भी मुठभेड़ के बाद घटनाक्रम की सत्यता परखने के लिए सीन रिक्रिएशन अनिवार्य है। इसके तहत एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर यह देखेगी कि बदमाशों ने किस दिशा से गोली चलाई और पुलिस ने आत्मरक्षा पर किस तहर जवाबी कार्रवाई की। मजिस्ट्रेट जांच के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि साक्ष्यों के संकलन के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। फिलहाल एफएसएल के जवाब का इंतजार है। मुठभेड़ की विवेचना क्राइम ब्रांच करेगी। क्राइम ब्रांच के विवेचक घटनास्थल (माइलस्टोन-88) से प्राप्त फॉरेंसिक साक्ष्यों, पुलिस द्वारा चलाई गई गोलियों के खोखे और बदमाशों के पास से मिले अवैध हथियारों की बैलिस्टिक रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही मुठभेड़ में शामिल पुलिस टीम के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।



 
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बदमाश पप्पू के परिवारीजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुठभेड़ से एक दिन पहले रेवाड़ी में तारीख पर गया था डकैत पप्पू
मुठभेड़ में ढेर अंतरराज्यीय डकैत पप्पू उर्फ राजेंद्र के जीवन के अंतिम 48 घंटों की कड़ियां धीरे-धीरे जुड़ने लगी हैं। शुक्रवार को मथुरा के ध्रुव घाट पर पति का अंतिम संस्कार करने पहुंची पत्नी ने चौंकाने वाले खुलासे किए। बताया कि पप्पू अपराध की दुनिया और घर के बीच दोहरी जिंदगी जी रहा था। यूपी के साथ-साथ कई राज्यों में उसका आतंक था। राजस्थान के अलवर के बहरोड़ क्षेत्र के आंबेडकर नगर निवासी डकैत पप्पू उर्फ राजेंद्र बृहस्पतिवार को पुलिस मुठभेड़ ढेर हो गया था। शुक्रवार को उसका शव लेने के लिए मथुरा पहुंची उसकी पत्नी विमला व बहन गीता और बच्चों ने शव घर लेने जाने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने ध्रुव घाट पर ही उसका अंतिम संस्कार कराया। विमला के धेवते ने मुखाग्नि दी। पत्नी ने बताया कि मुठभेड़ से एक दिन पहले पप्पू हरियाणा के रेवाड़ी में था। वहां वह अपने खिलाफ दर्ज एक पुराने मामले की पैरवी के लिए कोर्ट गया था। रेवाड़ी से लौटने के बाद उसने अपने परिवार को बताया कि वह अलीगढ़ अपनी बहन के यहां जा रहा है। इसके बाद बृहस्पतिवार दोपहर को उनके पास मथुरा पुलिस का फोन आया कि पप्पू की मुठभेड़ में मौत हो गई। उसका घर पर बहुत कम आना-जाना था। पप्पू ने 1982 में मेरठ से डकैती की शुरुआत कर अपराध की दुनिया में प्रवेश किया था। पुलिस की मानें तो पप्पू और उसका गैंग बेहद शातिर तरीके से एक राज्य में अपराध कर दूसरे राज्य में शरण ले लेता था। यूपी के पश्चिमी जिलों सहित हरियाणा, राजस्थान तक आतंक था।

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