फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Etah: लांस नायक भूपेंद्र ने चार दिसंबर को परिवार संग धूमधाम से मनाया था जन्मदिन, 18 दिन बाद हो गए शहीद

Mon, 26 Dec 2022 07:03 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
विज्ञापन
1 of 5
शहीद लांस नायक भूपेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
सिक्किम सड़क हादसे में शहीद हुए एटा के लांसनायक भूपेंद्र सिंह का चार दिसंबर को जन्मदिन था। अरसे बाद ऐसा मौका पड़ा था कि भूपेंद्र सहित परिवार और रिश्तेदारों को छुट्टी मिल रही थी। ऐसे में सभी को आमंत्रित कर पहली बार इतनी धूमधाम से जन्मदिन मनाया गया, लेकिन यह भूपेंद्र का आखिरी जन्मदिन बनकर रह गया। उस दिन को याद कर परिजनों के आंसू थम नहीं रहे हैं।

शहीद भूपेंद्र की कोई सगी बहन नहीं थी। ताऊ की बेटी नेहा परिवार में इकलौती बहन थी। बहनोई लोकेंद्र सिंह ने बताया कि चार दिसंबर को भूपेंद्र सिंह का जन्मदिन था। मेरी शादी के बाद से ऐसा पहली बार हुआ था कि जब भूपेंद्र के जन्मदिन को धूमधाम से मनाया था। परिवार के अधिकांश लोग छुट्टी पर थे। क्या मालूम था कि यह भूपेंद्र का अंतिम जन्मदिन है। यह बात कहते हुए उनका गला भर आया। उन्होंने बताया कि भूपेंद्र ने कभी किसी से गलत बात नहीं की। अपने छोटे भाई से विशेष लगाव रखते थे। 
विज्ञापन

2 of 5
शहीद को श्रद्धांजलि देने उमड़े हजारों लोग - फोटो : अमर उजाला
रविवार को दोपहर जिस समय शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। इस पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। पास-पड़ोस के मकानों की छतों के अलावा लोग दीवारों सहित पेड़ों पर चढ़ गए। इस दौरान मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। पुलिस द्वारा अंत्येष्टी स्थल पर तो बेरीकेडिंग की गई थी। उसको भी जनसैलाब ने हटा दिया। पुलिस भीड़ को लगातार नियंत्रित करने की कोशिश कर रही थी। 
विज्ञापन

3 of 5
सेना के जवान लेकर आए शहीद का पार्थिव शरीर - फोटो : अमर उजाला
रविवार को शहीद का पार्थिव शरीर गांव आया। जहां सुरक्षा की दृष्टि से अलीगंज सर्किल का पुलिस फोर्स तैनात रहा। शहीद के घर के गेट पर देखरेख के लिए नयागांव थानाध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव को जिम्मेदारी दी गई थी। इसी तरह सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन द्वारा सौंपी गई थी। 
 

4 of 5
शहीद के पार्थिव शरीर से लिपटकर रोते परिजन - फोटो : अमर उजाला
आठ दिसंबर को शहीद भूपेंद्र सिंह की चचेरी साली की शादी थी। भूपेंद्र ने छुट्टी बढ़ाने के लिए आवेदन किया, लेकिन नहीं बढ़ सकी और वह सात दिसंबर को चले गए। उनकी शहादत के बाद लोग कह रहे हैं कि छुट्टी बढ़ जाती तो शायद भूपेंद्र की जान बच जाती। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
शहीद भूपेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
शहीद भूपेंद्र के रिश्ते में राजा का रामपुर निवासी साढू सौरभ ने बताया उनकी ससुराल में साली गार्गी की शादी आठ दिसंबर को थी। इस पर शहीद ने छुट्टी के लिए आवेदन किया लेकिन उसकी छुट्टी नहीं बढ़ी थी। इस पर वह सात दिसंबर को ड्यूटी पर चले गए थे। आठ दिसंबर को शहीद की पत्नी शादी में गई थी। शुक्रवार को जब दुघर्टना की सूचना आई उस समय वह अपने मायके में थी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें