जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए आतंकी हमले से ताजनगरी के बच्चे भी गुस्से में हैं। उन्होंने अपने गुस्से का गुबार निकालने के लिए नायाब तरीका निकाला है। मार्शल आर्ट की प्रैक्टिस के दौरान आतंकी हाफिज सईद के पोस्टर पर पंच मारे जा रहे हैं। आतंकी की तस्वीर देखते ही इन खिलाड़ियों का खून खौल जाता है और उस पर जमकर लात-घूसे बरसा रहे हैं।
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प्रैक्टिस करते मार्शल आर्ट के खिलाड़ी
इन खिलाड़ियों का मानना है कि अभी उनकी उम्र इस लायक नहीं है कि वो इस आतंकी को अपने स्तर से ठिकाने लगा सकें, लेकिन वो ऐसा इसलिए कर रहे हैं कि कुछ सालों बाद वो बड़े होकर शारीरिक रूप से इतने समक्ष हो जाएं, जिससे उन्हें अगर अवसर मिले तो वो हाफिज जैसे इंसानियत के दुश्मनों को उनके घर में घुसकर नेस्तनाबूद कर सकें।
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प्रैक्टिस करते मार्शल आर्ट के खिलाड़ी
बालक ही नहीं, बालिकाएं भी हर रोज इस आतंकी के चेहरे पर सैकण्डों लातें मार कर अपना गुस्सा निकाल रही हैं। उनका कहना है कि हमारे कोच ने हमारे दुख को समझा। उन्होंने हमारे दुख को गुस्से में तब्दील किया। आतंकी की तस्वीर पर लात-घूंसे बरसाकर हमें सुकून मिलता है। हमें विश्वास है कि असली गर्दन मोदी सरकार जल्द तोड़ देगी।
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प्रैक्टिस करते मार्शल आर्ट के खिलाड़ी
मार्शल आर्ट खिलाड़ी सुरभि कुमारी ने कहा कि शहीदों को हमारी असली श्रद्धांजलि यह है कि हम अपने को मजबूत कर असुरी ताकतों का सर्वनाश करें। वंशिका ने कहा कि शहीदों की शहादत पर आंसू निकल आए। फिर सोचा आंसुओं से नहीं, बलशाली भुजाओं से काम चलेगा। इसका पोस्टर देखते ही मेरी किक की फुर्ती अपने आप तेज हो जाती है।
वीवी मार्शल आर्ट एकेडमी के कोच विपुल वर्मा ने कहा कि मार्शल आर्ट के खिलाड़ियों को मेडल के लिए तैयार कर रहा था। अब मेरी कोशिश है कि इनके आक्रोश को एक नई दिशा भी दूं। आतंकी का पोस्टर देखते ही इन खिलाड़ियों में गजब की फुर्ती दिखती है। लगता है जैसे उसे अभी मार देंगे।