फिरोजाबाद में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद सोमवार को कुछ हद तक हालात सामान्य रहे। उपद्रव प्रभावित इलाकों में पुलिस-प्रशासन के आला अफसरों ने पैदल मार्च कर लोगों दुकानें खोलने के साथ अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की। इसका असर भी हुआ। लोगों ने दुकानें खोली। हालांकि कुछ क्षेत्रों में अफवाहों के चलते तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
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पुलिस की अपील पर दुकान खोलता दुकानदार
- फोटो : अमर उजाला
आप लोग दुकानें खोलिए, कारोबार शुरु करिए, भीड़ मत लगाई, डरने की कोई बात नहीं है। इन्ही शब्दों के साथ पुलिस फोर्स नाले की पुलिया से लेकर इमामबाड़ा चौराहा तक पैदल मार्च के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों से बाजार खोलने की अपील करती नजर आई। पुलिस की अपील के बाद कुछ लोगों ने दुकानों को शटर उठा लिए। कुछ लोगों ने मंगलवार से दुकानों को खोलने की बात कही।
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एसएसपी से जानकारी लेते आईजी रेंज
- फोटो : अमर उजाला
शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीएम चंद्र विजय सिंह और एसएसपी सचिंद्र पटेल सीआरपीएफ और पुलिस फोर्स के साथ दोपहर करीब12 बजे नाले की पुलिया पर मौजूद थे। डीएम और एसएसपी के निर्देश पर थाना दक्षिण के कोतवाल डीके सिंह और आगरा से आए सीओ ने नाले की पुलिया से इमामबाड़ा तक पैदल मार्च किया।
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युवाओं को हटाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कुछ युवा गलियों में खड़े मिले तो कुछ पुलिस को देख घरों की ओर लौटने लगे। बंद दुकानों के बाहर कुछ बुजुर्ग बैठे मिले। इसके माध्यमसे पुलिस बाजार खुलवाने के लिए कह रही थी। पुलिस टीम ने बुजुर्गों से अपील की कि वो लोग युवाओं को समझाएं कि किसी के बहकावे में न आए। काम पर लौटे, बाजार खोलें। जिससे लोगों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं मिल सकें।
पुलिस की अपील का असर भी दिखाई दिया। करीम होटल के पास चूड़ी गोदामों के शटर भी उठ गए। नालबंद पुलिस चौकी के सामने से होली वाली भट्टी की ओर जाने वाले रास्ते पर मेडिकल की दुकान खुली तो फल बिक्रेता के यहां फल लेने वालों की भीड़ लग गई। सोमवार शाम तक बाजार में चहल पहल रही। वहीं एहतियातन पुलिस लगातार गश्त कर रही है।