पुलवामा आतंकी हमले में आगरा मंडल के दो वीर सपूत शहीद हुए हैं। इनमें आगरा के गांव कहरई निवासी कौशल किशोर रावत और मैनपुरी के गांव विनायकपुर के राम वकील शामिल हैं। सीआरपीएफ राम वकील के शहादत की खबर गुरुवार की देर रात अधिकारियों ने फोन पर उनके परिजनों को दी। इस खबर से पूरा गांव गमगीन हो गया। परिजनों में कोहराम मच गया।
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शहीद के परिजन
गांव विनायकपुर के लाल राम वकील वर्ष 2002 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। वो 176 बटालियन में तैनात थे। परिजनों के अनुसार राम वकील कुछ दिन पहले 10 दिन की छुट्टी पर घर आए थे। 11 फरवरी को वापस ड्यूटी पर श्रीनगर गए थे। गुरुवार की दोपहर को जब आतंकी हमले की खबर आई तो उनके परिजन चिंतित हो उठे।
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शहीद के बच्चे
जैसे जैसे टीवी पर शहीद जवानों के नाम सामने आ रहे थे, वैसे वैसे परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। शहीद राम वकील के भतीजे ने बताया कि देर रात अधिकारियों ने फोन पर परिजनों को उनके शहीद होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। जानकारी होने पर आसपास गांव के ग्रामीण शहीद के परिजनों को ढांढस बांधने पहुंचे।
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रोते बिलखते परिजन
शहीद राम वकील के पिता की बीमारी से कई वर्षों पूर्व मौत हो चुकी है। रामवकील दो भाई हैं। बड़े भाई रामनरेश गांव में ही टेलर की दुकान हैं। राम वकील की शादी वर्ष 2003 में जनपद इटावा के गांव खेड़ा हेलो निवासी गीता देवी के साथ हुई थी। उनके तीन पुत्र राहुल 12 , शाहिल 10, गोलू 4 हैं। राम वकील की पत्नी, बच्चे अशोक नगर थाना फ्रेंड्स कालोनी इटावा में रहते हैं। उनकी शहादत पर पत्नी और बच्चों के आंसू नहीं थम रहे हैं।
आतंकवादियों के कायरना हमले के विरोध में जिले के लोगों में गम और गुस्सा है। शुक्रवार की सुबह तमाम ग्रामीण शहीद राम वकील के घर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। लोगों का कहना है कि मोदी सरकार को इस घटना का बदला लेना चाहिए। पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों को नेस्तनाबूद कर देना चाहिए।