फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वृंदावनः पहलीबार निधिवन में हुआ ऐसा जिसने जीवंत कर दिया द्वापर युग, देखें तस्वीरें

Mon, 14 Oct 2019 11:55 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
विज्ञापन
1 of 5
निधिवन में महारास का मंचन करते कलाकार - फोटो : अमर उजाला
वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी की प्राकट्य स्थली एवं स्वामी हरिदास महाराज की साधना स्थली निधिवन में शरद पूर्णिमा पर पहली बार महारास लीला का आयोजन किया गया। इसमें पद्मश्री रासाचार्य स्वामी हरगोविंद के सुपुत्र स्वामी अवधेश महाराज की रासमंडली द्वारा महारास का मंचन किया गया।
विज्ञापन

2 of 5
वृंदावन के निधिवन में महारास का मंचन करते कलाकार - फोटो : अमर उजाला
रविवार रात को निधिवन में सेवायत भीकचंद गोस्वामी एवं रोहित गोस्वामी के सानिध्य में महारास लीला का सजीव मंचन किया गया। ब्रज के 28 पात्रों ने स्वामी अवधेश महाराज के निर्देशन में करीब 3.30 घंटे महारास लीला का मंचन किया।
विज्ञापन

3 of 5
महारास के दौरान कलाकार - फोटो : अमर उजाला
रास स्थली में धवल चांदनी की रोशनी में भगवान कृष्ण के बहुत से स्वरुपों को गोपियों और राधारानी के साथ नृत्य करते देख भक्त सुधबुध खो बैठे और अपने को द्वापर युग में होने का अहसास कर रहे थे। भक्तों के मुख से बरबस हे कृष्ण एवं राधे के बोल निकल रहे थे।

4 of 5
वृंदावन के निधिवन में महारास का मंचन करते कलाकार - फोटो : अमर उजाला
महारास लीला का निर्देशन कर रहे स्वामी अवधेश महाराज ने बताया कि ब्रज में यमुना तट पर जब राधारानी ने भगवान कृष्ण से अपनी इच्छा जताई कि प्रत्येक गोपी के साथ आपके दर्शन हों, उनमें मेरा स्थान सर्वोच्च बना रहे और किसी के मन में ईर्ष्या उत्पन्न न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
वृंदावन के निधिवन में महारास का मंचन करते कलाकार - फोटो : अमर उजाला
ऐसे महारास की परिकल्पना साकार होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि भगवान ने छह महीनों की रात शरद पूर्णिमा की एक रात में परिवर्तित कर दी और महारास में विघ्न डालने वाले कामदेव को भगवान कृष्ण ने परास्त किया।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें