लखनऊ सामूहिक हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। पुलिस के हाथ लगी वसीयत ने पूरी कहानी को उलझा दिया है। पिता बदर ने 10 माह पहले ही वसीयत लिख दी थी। जानें पिता बदरुद्दीन ने किसके नाम वसीयत की थी।
सामूहिक हत्याकांड के मुख्य आरोपी अरशद को जेल भेज दिया गया है। फरार पिता बदरुद्दीन उर्फ बदर की तलाश में यूपी में अलर्ट है। हत्याकांड में पुलिस पिता की संलिप्तता की भी बात कह रही है। मगर, पुलिस के हाथ लगी वसीयत ने पूरी कहानी को उलझा दिया है। कहीं न कहीं वो बेटे की हरकतों से परेशान थे।
बदर ने 10 महीने पहले ही अपनी वसीयत लिख दी थी। इसमें बहुत कुछ बयां भी किया है। एक तरफ बेटे से दूरी नजर आ रही है तो बेटियों के प्रति प्यार भी छलक रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बेटियों के नाम संपत्ति करने वाले पिता ने आखिर बेटे का साथ क्यों दिया? उनकी कोई मजबूरी तो नहीं थी। इस पर पुलिस पड़ताल में लगी है।
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आरोपी पिता बदर की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
'न मालूम कब किस वक्त मेरा प्राणांत हो जाए'
ट्रांस यमुना पुलिस को वसीयत की एक प्रति मिल गई है। बदर ने 24 फरवरी 2024 को एत्मादपुर तहसील में वसीयत कराई थी। इसमें लिखा था कि उम्र 52 साल पहुंच चुकी है। इस ना-पाएदार जीवन का कोई भरोसा व ठिकाना नहीं है। न मालूम कब किस वक्त मेरा प्राणांत हो जाए।
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असद का परिवार, पिता के साथ मां व बहनें।
- फोटो : अमर उजाला
'बेटियां मेरी हर प्रकार की सेवा करती हैं'
मेरा एक पुत्र अरशद उर्फ असद, जो शादीशुदा था, अब तलाक हो चुका है। चार पुत्रियां रहमीन, अक्शा, अल्शिफा और आलिया हैं। इनकी उम्र 19, 17, 14 व 8 वर्ष हैं। किसी की शादी नहीं हुई है। बेटियां मेरी हर प्रकार की सेवा करती हैं। मुझको किसी भी प्रकार की दिक्कत और परेशानी नहीं होने देती हैं।
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आरोपी युवक का ताला लगा घर
- फोटो : अमर उजाला
बिना किसी दबाव के बेटियों के नाम पर किया मकान
मुझको भी इनसे काफी हार्दिक स्नेह और प्यार है। लिहाजा इनकी सेवा से खुश होकर मकान को बेटियों के नाम पर किसी दबाव के बिना कर रहा हूं। वसीयत में यह भी लिखा कि जब तक वो जीवित रहेंगे तब तक मकान के मालिक रहेंगे। उनकी मृत्यु के बाद बेटियां रहेंगी। वसीयत में यह भी लिखा कि पुत्र असद का कोई संबंध नहीं है न होगा। इस वसीयत को उन्होंने प्रथम और अंतिम होने का भी दावा किया है।
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आरोपी युवक का घर
- फोटो : अमर उजाला
रजिस्ट्री के बाद हुआ था झगड़ा
थाना ट्रांस यमुना पुलिस की जांच में सामने आया कि बदर ने बेटे की हरकत से परेशान होकर ही वसीयत की थी। उन्होंने एक जनवरी को मकान के आधे हिस्से का सौदा किया था। 14 फरवरी को रजिस्ट्री की थी। इसके बाद ही अरशद ने झगड़ा शुरू कर दिया था। पिता से विवाद किया था। इस पर ही उन्होंने 24 फरवरी को वसीयत की थी। इसमें मृत्यु के बाद मकान पर बेटियों का हक दर्शा दिया था।
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होटल में जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
अपनी जान बचाने के लिए तो नहीं दिया साथ
बस्ती के लोग शुरू से ही एक ही बात बोल रहे हैं कि अरशद अपनी मां और बहनों पर जुल्म करता था। उन्हें कैदखाने की तरह रखता था। उसकी हरकतों से पिता भी परेशान था। इस कारण वसीयत बेटियों के नाम कर दी थी। हालांकि इस बारे में बेटे को पता नहीं था। चर्चा है कि उसे 18 दिसंबर से कुछ दिन पहले ही उसे वसीयत का पता चला होगा। अब लोग यही सवाल कर रहे हैं कि कहीं पिता ने बेटे की धमकी की वजह से तो साथ नहीं दिया।
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आगरा में युवक का घर जहां परिवार के साथ रहता था असद।
- फोटो : वीडियो ग्रैब
बदर के संपर्क में कौन लोग थे?
बेटा उनकी भी तो जान नहीं लेना चाहता था। अब ट्रांस यमुना और लखनऊ पुलिस की टीम यह पता कर रही है कि बदर के संपर्क में कौन लोग थे। बेटे से अगर, वो परेशान था तो किसी को बताया होगा। पुलिस अब इन लोगों की तलाश में लगी है।
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आरोपी अरशद
- फोटो : वीडियो ग्रैब
पिता की मदद से बेटे ने चार बहनों और मां को मार डाला
यूपी की राजधानी लखनऊ के नाका स्थित होटल शरणजीत में आगरा के इस्लाम नगर, तेहड़ी बगिया, कुबेरपुर निवासी अरशद ने पिता बदर के साथ मिलकर चार बहनों और मां की हत्या कर दी। सभी अजमेर से लखनऊ आए थे और सोमवार को होटल में कमरा लेकर ठहरे थे। हत्या से पहले आरोपी पिता-पुत्र ने सभी को शराब पिलाई। अरशद ने इस दौरान वीडियो भी बनाया। पुलिस ने अरशद को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बदर की तलाश जारी है।
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जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
नाका स्थित होटल शरणजीत में ठहरे थे सभी
डीसीपी मध्य रवीना त्यागी ने बताया कि बुधवार सुबह करीब सात बजे अरशद लोको पुलिस चौकी पहुंचा। अरशद ने पुलिसकर्मियों को बताया कि उसने पिता के साथ मिलकर मां और चार बहनों की हत्या कर दी है। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो पता चला कि घटना नाका इलाके की है। इसके बाद नाका पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस होटल के कमरे में दाखिल हुई तो भीतर पांच के शव बिस्तर पर पड़े थे।
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होटल में जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में अरशद ने बताया कि उसने पिता के साथ मिलकर मां अस्मा (49), बहन अल्शिया (19), रहमीन (18), अक्सा (16) और आलिया (9 ) की हत्या की है। आरोपी ने बताया कि मोहल्ले वाले उसके परिवार को परेशान कर रहे थे। इसकी वजह से पिता-पुत्र को डर था कि अगर उन्हें कुछ हो गया, तो परिवार के लोगों का क्या होगा। साजिश के तहत दोनों पहले परिवार को अजमेर लेकर गए। इसके बाद लखनऊ लाए थे।
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आरोपी अरशद और मामले की जांच करते पुलिसकर्मी।
- फोटो : amar ujala
नए साल की पार्टी के नाम पर पिलाई शराब
साजिश के तहत आरोपी पिता-पुत्र ने परिवार से नए साल की पार्टी लखनऊ में मनाने की बात कही। मंगलवार रात में पार्टी के नाम पर सभी को शराब पिलाई। आरोपियों ने नाबालिग बच्चियों को भी जबरन शराब पिलाई ताकि बेसुध होने पर उनकी हत्या की जा सके। शराब पिलाने के बाद मंगलवार रात दो बजे अरशद ने पिता के साथ मिलकर पहले मां अस्मा का ब्लेड से गला रेता। फिर हाथ की नस काट दी।
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जांच के लिए मौजूद पुलिस टीम व होटल के बाहर लगी भीड़।
- फोटो : amar ujala
गला रेतने के साथ ही हाथ की नस काटी
इसके बाद बहन अल्शिया और रहमीन का गला रेतने के बाद हाथ की नस काट दी। वहीं, बदर ने अक्सा और आलिया की गला घोंटकर हत्या कर दी। दोनाें के हाथ की नस भी काटी। वे चीख-चिल्ला न सके इसलिए सभी के मुंह में कपड़ा ठूस दिया था। यही नहीं, कोई जिंदा न बचे इसलिए हाथ की नस काटने के बाद दुपट्टे से गला भी कसा था।
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मर्डर
- फोटो : amar ujala
पिता को छोड़ा रेलवे स्टेशन, फिर पहुंचा पुलिस चौकी
हत्या के बाद बुधवार सुबह करीब 06:55 बजे दोनों आरोपी होटल से बाहर निकले। सीसीटीवी फुटेज में भी दोनों साथ निकलते दिखे हैं। अरशद ने पहले पिता को चारबाग स्टेशन छोड़ा। इसके बाद लोको पुलिस चौकी पहुंचकर घटना की जानकारी दी। पुलिस की टीम बदर की तलाश कर रही है। बदर अपना फोन होटल में ही छोड़कर गया है, जिसकी वजह से उसकी लोकेशन नहीं मिल पाई है। पुलिस की दो टीमें आरोपी की तलाश में दबिश दे रही हैं। पुलिस ने होटल के कमरे से हत्या में इस्तेमाल ब्लेड और दुपट्टा बरामद कर लिया है।
वीडियो में हत्या की वजह बताई
सोशल मीडिया पर आरोपी का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें वह कह रहा है, मैं अपने पूरे परिवार के साथ लाचारी और निराशा में यह कदम उठाने के लिए मजबूर हूं। जब पुलिस को यह वीडियो मिलेगा, तब तक मैं अपनी बहनों और खुद को मार चुका होऊंगा। मैं अनुरोध करता हूं कि पुलिस हमारे मोहल्ले के लोगों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराए जिन्होंने उसके घर पर कब्जा कर लिया है। मैंने आवाज उठाई लेकिन किसी ने नहीं सुनी। 10 दिनों से हम फुटपाथ पर सोने को मजबूर हैं। उसने मोहल्ले में परेशान करने वाले कुछ लोगों के नाम लिए हैं।