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मथुराः रात को छूट गए हों तो फिर देखिए कान्हा के जन्म की लीला

Wed, 16 Aug 2017 03:05 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला मथुरा
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जन्मस्थान - फोटो : अमर उजाला
मथुरा के श्रीकृष्‍ण जन्मस्‍थान पर मंगलवार को रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्‍ण ने अवतार लिया। कान्हा के जन्म लेते ही पूरा जन्मस्‍थान परिसर जय कन्हैयालाल के जयकारों से गूंज उठा। सुबह से ही देश विदेश से आए लाखों भक्तों ने जन्मस्‍थान के दर्शन किए। 
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जन्मस्थान - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि शाम को जन्मस्‍थान के लीला मंच पर भगवान की जन्मलीला का मंचन शुरू होते ही मुख्‍य कार्यक्रम आरंभ हो गया। इससे पहले जन्मस्‍थान संस्‍थान और यादव महासभा की ओर से शोभायात्रा निकाली गई। 
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जन्मस्थान - फोटो : अमर उजाला
शाम से ही भक्तों का जन्म दर्शन के लिए मंदिर में पहुँचने का क्रम शुरू हो गया था। भीड़ इतनी रही कि भागवत भवन की गैलरी में दर्शन को खड़े भक्तों को सुरक्षाकर्मी रुकने नहीं दे रहे थे। 

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जन्मस्थान - फोटो : अमर उजाला
जन्मस्थान पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदर्शन का साक्षी बनने केंद्र और प्रदेश सरकार के मंत्री भी पहुंचे। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर दर्शन किए। इस दौरान वे महंत नृत्यगोपाल दास से मिले और उनका आशीर्वाद लिया।
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श्रीकांत शर्मा - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद रात में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य उत्सव में शामिल होने के लिए प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा भी जन्मस्थान के भागवत भवन मंदिर में पहुंचे। 
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जन्मस्थान - फोटो : अमर उजाला
रात में करीब 11:30 बजे मथुरा में भगवान कृष्‍ण के अभिषेक के लिए जयपुर से आई विशेष चांदी की गाय को जन्मस्थान के भागवत भवन मंदिर में लाया गया।
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जन्मस्थान - फोटो : अमर उजाला
11 बजकर 45 मिनट पर श्रीकृष्‍ण जन्मस्‍थान न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास और ट्रस्टी अनुराग डालमिया भागवत भवन मंदिर पहुंचे और उन्होंने भगवान को कमल पुष्प अर्पित किए। 

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श्रीकृष्ण जन्मस्थान - फोटो : amar ujala
इसी के साथ मंदिर के पट बंद कर दिए गए और प्रागंण में घंटे और घड़ियालों के स्वरों के बीच कीर्तन शुरू हो गया। जन्मस्‍थान परिसर में मौजूद भक्त टकटकी लगाए मंदिर के पट की ओर देखते रहे। 

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जन्मस्थान - फोटो : amar ujala
ठीक मध्यरात्रि में 12 बजे भगवान का प्राकट्य हुआ और मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए। पट खुलते ही पूरा जन्मस्‍थान परिसर कन्हैयालाल के जयकारों से गूंज उठा। 

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जन्मस्थान - फोटो : अमर उजाला
जन्मस्थान के भागवत भवन मंदिर में सबसे पहले चांदी की गाय के निकले दुग्‍ध से भगवान का अभिषेक किया गया। 
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जन्मस्थान - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद भगवान का प्रथम अभिषेक महंत नृत्यगोपालदास और अनुराग डालमिया ने किया। रात में करीब डेढ़ बजे तक भगवान के जन्मदर्शन का क्रम चलता रहा। 
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