आगरा लोकसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 466 पर सोमवार को पुनर्मतदान हुआ। इस दौरान 1253 मतदाताओं में से 656 मतदाताओं ने वोट डाले। जबकि 18 अप्रैल को 576 वोट पड़े थे। बूथ पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध थे। पुलिस बल के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मतदान खत्म होने तक बूथ पर ही डेरा डाले रहे। पुनर्मतदान का प्रतिशत 52.35 फीसदी रहा।
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मतदान करने के बाद महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
आगरा लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत छावनी विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 466 (कांशीराम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोटली बगीची, चक सोयम) का मतदान शून्य घोषित कर दिया गया था। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इस बूथ पर सोमवार को पुनर्मतदान हुआ। सुबह सात से शाम छह बजे तक मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई। इस दौरान इस बूथ का मतदान प्रतिशत बढ़ा। जो मतदाता 18 अप्रैल को मतदान करने घर से नहीं निकले थे, पुनर्मतदान के दौरान उन्होंने भी लाइन में लगकर वोट डाले।
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सुरक्षा का जायता लेते पुलिस अफसर
- फोटो : अमर उजाला
गर्मी भी यहां के मतदाताओं का उत्साह कम नहीं कर सकी। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुनर्मतदान में 80 वोट अधिक डाले गए। बूथ के आसपास सुरक्षा के कड़े प्रबंध थे। एआरओ/एसीएम प्रथम विनोद जोशी के अलावा एसडीएम सदर अभिषेक कुमार, एसडीएम खेरागढ़ गरिमा सिंह, एसडीएम एत्मादपुर अम्बरीश बिंद भी मौजूद रहे।
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मतदान के लिए लगी कतार
- फोटो : अमर उजाला
बूथ नंबर 466 पर कुल 1253 मतदाता हैं। 18 अप्रैल को इनमें से 317 वोट डाले गए थे कि पूर्वाह्न 11.30 बजे ईवीएम (इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन) में खराबी आ गई। इसके चलते ईवीएम को बदल दिया गया। शाम छह बजे तक चले मतदान के दौरान दूसरी ईवीएम में 259 वोट डाले गए थे। मतदान खत्म होने के बाद दोनों ईवीएम को फिरोजाबाद रोड स्थित मंडी समिति में बने स्ट्रांग रूम में जमा करना था। मगर, खराब ईवीएम को स्ट्रांग रूम की बजाय सदर तहसील में खराब ईवीएम के लिए बनाए गए गोदाम में रखवा दिया।
पोलिंग एजेंट को लेकर एसडीएम में झड़प
- फोटो : अमर उजाला
बूथ के अंदर पोलिंग एजेंट के बैठने को लेकर एसडीएम सदर और गठबंधन प्रत्याशी मनोज सोनी के बीच तीखी झड़प हो गई। दरअसल, शाम लगभग साढ़े चार बजे मनोज सोनी बूथ पर मौजूद थे। उनके साथ पोलिंग एजेंट भी अंदर आकर बैठ गए। एसडीएम ने पोलिंग एजेंट को बूथ से बाहर जाने को कहा। इस पर मनोज सोनी भड़क गए। मौके पर मौजूद अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।