मथुरा में होली की धूम हो और बरसाना की लठामार होली का जिक्र न हो तो सबकुछ अधूरा ही है। बरसाने की लठामार होली 23 मार्च को है। हुरियारिनों ने अपनी लाठियां तैयार कर ली हैं। यहां तक कि परिवार के सदस्य उनके खाने-पीने का भी विशेष ख्याल रख रहे हैं, ताकि लाठी मारने के दौरान वह थकें नहीं। जो नई बहुएं हैं, उन्हें घर की बुजुर्ग महिलाएं दांवपेंच सिखा रही हैं। बता दें कि ब्रज में हुरियारिनों को राधा का स्वरूप और हुरियारों को कृष्ण का स्वरूप माना जाता है। यह उसी भाव से लठामार होली खेलते हैं और लाखों लोग इन्हें देखते हैं।