आगरा के आईएसबीटी से रोडवेट बस के बढ़ते ही कोटा से ही इंजीनियरिंग की तैयारी कर लौटे छात्र-छात्राओं की आंखों में चमक और बढ़ गई। कई ने विक्ट्री साइन बनाया। छात्र बोले कि उन्होंने घर के लिए इतनी तड़प पहले कभी महसूस नहीं की। छात्राएं चहक उठीं और बोलीं, मां के गले लग जाऊंगीं।
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रोडवेज बसों में छात्र-छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
रविवार दोपहर साढ़े ग्यारह बजे फिरोजाबाद, मैनपुरी, फतेहगढ़ की ओर जाने वाली आखिरी बस को रवाना किया गया। पुलिसकर्मियों ने छात्र-छात्राओं पानी और भोजन दिया। अंकित बोले कि काफी दिनों से अजीब सा लग रहा था। घर जाने की इच्छा हर रोज बढ़ती जा रही थी। जब यह पता लगा कि हमारे लिए बसें आ रही हैं, तब जाकर तसल्ली हुई।
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अपने घरों को रवाना छात्र-छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
आईएसबीटी से रवाना हुई आखिरी बस में सवार हुए छात्रा शाहरुख का कहना था कि कई दिनों से घर पहुंचने की मेरी इच्छा पूरी हो रही है। काफी सुकून मिल रहा है। बस जल्दी से घर पहुंच जाऊं। ऐसी बेसब्री अन्य छात्रों में थी।
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बस में बैठे कोटा से लौटे छात्र-छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
छात्रा नगमा का कहना था कि मां से मिलने को बेकरार हूं। उनसे फोन पर बात होती रहती थी। रास्ते में कई बार फोन आ चुका है। बस कहां पहुंची, कितनी देर में पहुंच जाएगी। घर पहुंचकर उनके गले लग जाऊंगी।
एसएन मेडिकल कॉलेज में रैपिड किट से कोरोना वायरस की जांच शुरू हो गई है। रविवार को कोटा से आए 47 छात्रों की जांच की गई। सभी के नमूने निगेटिव आए हैं। सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने बताया कि छात्रों की जांच निगेटिव है, यह राहत की बात है।