फिरोजाबाद के अधिवक्ता अकरम अंसारी का अपहरण करने वाले गैंग के सरगना उग्रसेन ने तीन साल पहले सिकंदरा से लाइब्रेरियन का अपहरण किया था। गैंग ने 25 लाख रुपये फिरौती भी वसूली थी। इस मामले में पुलिस ने उग्रसेन को जेल भेजा था। वह जमानत पर बाहर आ गया। मगर, पुलिस को भनक तक नहीं थी।
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एडीजी अजय आनंद से हाथ से मिलाते अधिवक्ता अकरम अंसारी
- फोटो : Amar Ujala
फिरोजाबाद के अधिवक्ता अकरम अंसारी का तीन फरवरी को अपहरण हुआ था। 17 फरवरी को अधिवक्ता को धौलपुर के बाड़ी से मुक्त करा लिया गया था। पुलिस ने पांच बदमाश और एक महिला को गिरफ्तार किया। इनमें उग्रसेन, लाखन, सुरेंद्र, राकेश, मुकेश और उग्रसेन की पत्नी उर्मिला थीं।
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पुलिस ने पकड़े अपहरण के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
सिकंदरा में शास्त्रीपुरम ओवरब्रिज से अगस्त 2017 को सीएफटीआई के लाइब्रेरियन मथुरा निवासी जावेद रजा जाफरी का अपहरण किया गया था। 25 लाख की फिरौती वसूलने के बाद लाइब्रेरियन को धौलपुर के बसई डांग क्षेत्र से छोड़ा गया था। इस मामले में उग्रसेन का नाम सामने आने पर पुलिस ने गिरफ्तारी की थी। उसे जेल भी भेजा गया था। इसके बाद कब जमानत पर बाहर आया? इसका पुलिस के पास डाटा नहीं था।
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एसएसपी बबलू कुमार के साथ पुलिस टीम
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बताया कि धौलपुर के बाड़ी में कई गैंग सक्रिय हैं। इन गैंगों को दो बदमाश शरण देते हैं। इन्हें मुखिया कहा जाता है। इन मुखिया को अन्य गैंग पकड़ के आने के बारे में जानकारी देते हैं। फिरौती की रकम वसूलने के बाद इनको रकम में से हिस्सा भी दिया जाता है।
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अधिवक्ता के साथ पुलिस टीम
- फोटो : अमर उजाला
लाखन और उग्रसैन अपहरण की कई वारदात कर चुके हैं। गांव में उनका घर है। लाखन के खेत भी हैं। पुलिस का कहना है कि गैंगों ने फिरौती की रकम से ही अच्छे मकान बनवाए हैं।
अपहरण की वारदात को अंजाम देने वाले धौलपुर के गैंगों की तलाश में पुलिस टीम लग गई है। 25 गैंग को पुलिस ने चिह्नित किया है। इनके कौन-कौन सदस्य है? इनकी मदद कौन कर रहा है? इस सबके बारे में पुलिस पता कर रही है। इसके बाद टीम बदमाशों की धरपकड़ करेगी।