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स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोलती ये तस्वीरें, पलायन कर रहे कांशीराम कॉलोनी के बाशिंदे

Mon, 06 Jan 2020 11:27 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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कांशीराम कॉलोनी में उफना सीवर - फोटो : अमर उजाला
स्मार्ट सिटी के दावों के बीच कालिंदी विहार डी ब्लॉक स्थित कांशीराम आवासीय योजना के बाशिंदे बहते सीवर के बीच रहने को मजबूर हैं। चोक सीवरों की सफाई नहीं होने के कारण भूतल के आवासों तक को खाली करना पड़ा। अब गंदगी आसपास की गलियों में बह रही है। बच्चे गंदगी के कारण बीमार हो रहे हैं, मगर यहां चोक सीवर की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
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कांशीराम आवासीय योजना में तीन मंजिला इमारत - फोटो : अमर उजाला
कालिंदी विहार में कांशीराम आवासीय योजना के तीन ब्लॉकों में बने तीन मंजिला इमारतों में बने 500 से ज्यादा आवासों में करीब 10 हजार की आबादी निवास करती है। अधिकांश श्रमिक वर्ग के लोगों को बसपा सरकार में आवास मुहैया कराए गए थे। यहां एक ब्लॉक में बनी तीन मंजिला इमारत के भूतल में बने घरों तक में सीवर का पानी पहुंच गया है।
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सीवर की समस्या - फोटो : अमर उजाला
इस कारण 200 से ज्यादा लोग यहां से पलायन कर चुके हैं। मीना देवी ने बताया कि सीवर पूरी तरह चोक हो चुके हैं। आए दिन लोग चंदा करके सीवर की सफाई करवाते हैं मगर समस्या अब विकराल हो चली है। सीवर कॉलोनी की सड़कों पर बहता है। यहां रहने वाले बच्चों को भी इसी गंदगी के बीच में खेलना पड़ता है। बच्चे बीमार हो रहे हैं। कई दफा नगर निगम और जलकल विभाग में शिकायत करा चुके हैं मगर सीवरों की सफाई नहीं की जा रही है।

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कांशीराम कॉलोनी के बाशिंदे - फोटो : अमर उजाला
मेहनत मजदूरी करके परिवार पाल रहे हैं। सीवर की सफाई के लिए प्राइवेट सफाईकर्मी एक हजार रुपये तक लेते हैं। ऐसे में कहां से हर सप्ताह करवाएं सीवर की सफाई। - राजेश्वरी देवी, कांशीराम योजना

यहां की सीवर समस्या के कारण कई परिवार पलायन कर चुके हैं। दुर्गंध के कारण बैठना मुश्किल हो गया है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। कौन देखने वाला है। - कमल, कांशीराम योजना
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कांशीराम कॉलोनी के बाशिंदे - फोटो : अमर उजाला
लोगों को घर मिले थे तो कुछ राहत मिली थी मगर पानी, बिजली, सीवर की समस्याओं से रोजाना सामना होता है। इनमें चोक सीवर ने तो नाक में दम कर दिया है। -मीना देवी

जब लोगों को वोट लेना होता है तो बड़े दावे करते हैं मगर कमजोर तबके के लोगों की सुनवाई कहीं नहीं हो रही है। यहां के लोग दो साल से झेल रहे हैं। -
सर्दियों में यहां धूप सेंकना भी मुश्किल है। चारों तरफ गंदा पानी भरा है। मेहमानों ने भी आना बंद कर दिया है। हादसों का खतरा बना रहता है। -प्रेम स्वरूप
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