उत्तर प्रदेश के कासगंज जनपद में तिहरे हत्याकांड के बाद जब तीन शव गांव पहुंचे तो चीत्कार मच गई। तीनों शव सरकारी स्कूल में रखे गए। यहां अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान गांव की गलियों में सन्नाटा छाया रहा। वहीं गांव के घरों में चूल्हे नहीं जले। तीनों शवों का अंतिम संस्कार योगमार्ग स्थित श्मशान घाट पर किया गया। पूरा गांव शोक में डूबा है। सोमवार सुबह तकरीबन 11:30 बजे मृतक रुद्र, प्रेम सिंह और राधाचरन के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव लाए गए। शवों के गांव पहुंचते ही चीत्कार मच उठी। यहां गांव के सन्नाटे को परिजनों का करुण क्रंदन चीर रहा था। गांव के लोग परिजनों को ढांढस और सांत्वना बंधाते नजर आए।
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कासगंज के होडलपुर में हत्या के बाद मौके पर पहुंचे एएसपी
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि कासगंज के गांव होडलपुर में रविवार शाम चली ताबड़तोड़ गोलियों के बाद लोगों के जेहन में सोमवार को भी दहशत बरकरार थी। लोग डरे सहमे नजर आ रहे थे। सोमवार को क्षेत्र का बाजार पूरी तरह बंद रहा। हर किसी की जुबान पर सिर्फ हत्याकांड की घटना को लेकर चर्चा थी।
हत्याकांड के बाद रोते-बिलखते परिजन और गांव की महिलाएं
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मृतक रुद्र की मां सूरजमुखी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह इतनी बेसुध हो चुकी थी कि कई बार बेहोश हो गई। होश में आने पर वह अपने बेटे और मृतकों के शव देखकर चीख-चीखकर रोने लगती थी। सूरजमुखी के अलावा परिवार की अन्य महिलाओं का रो रोकर बुरा हाल था।
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तीनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
तीनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए सोरों के योगमार्ग स्थित श्मशान घाट ले जाया गया। यहां एक ही स्थान पर एक साथ तीनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ तीन चिताएं जलते देखकर हर आंख नम थी। मृतकों की शव यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
गांव होडलपुर में तीन हत्याओं के बाद सोमवार को घरों में चूल्हे नहीं जले। लोग शोक में डूबे थे। भूख प्यास भूल एक ओर परिजनों का बुरा हाल था वहीं गांव के अन्य लोग भी द्रवित नजर आए। गांव के लोग मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधा रहे थे।
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मृतक का फाइल फोटो और मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पहले पीट पीटकर किया बेहोश फिर दाग दीं गोलियां
हत्यारोपी इतने बेरहम थे कि पीड़ित परिवार की चीखें सुनकर उनका दिल नहीं पसीजा। घटना के दौरान काफी देर तक तांडव मचाते रहे। मृतकों के परिवार की महिलाएं और पुरुष रहम की भीख मांगते रहे। परिजनों के मुताबिक दुकान से लौटकर हत्यारोपियों के घर के सामने से गुजर रहे प्रेम सिंह को हत्यारोपियों ने घर के बाहर ही घेर लिया उसके बाद उसकी पिटाई शुरू कर दी। जैसे ही परिवार के अन्य लोगों को जानकारी हुई तो राजपाल, राजेंद्र, राधाचरन, रुद्र और अन्य परिजन भी पहुंच गए।
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कासगंज तिहरा हत्याकांड
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आरोप है कि सोची समझी साजिश के तहत हत्यारोपियों ने सभी को घेर लिया। लाठी डंडे, सरिया से प्रहार किया। सभी रहम की भीख मांगते रहे, लेकिन हत्यारोपी बेदर्द बने रहे। आरोप है कि घायलों को पहले तो बेहोश कर लिया और फिर हत्यारोपियों ने समीप से गोलियां दाग दीं। इधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि मृतक रुद्र और प्रेम सिंह की मौत गोली लगने से हुई है, जबकि राधाचरन की मौत गंभीर चोटों से हुई है। गोलियां भी काफी पास से लगना स्पष्ट हुआ है।
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मृतक का फाइल फोटो और मौके पर विलाप करतीं महिलाएं
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मृतक रुद्र के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया है कि उसको दो गोलियां लगी हैं। उसके सिर और सीने में गोली मारी गई है। पोस्टमार्टमकर्मियों और चिकित्सकों ने काफी देर तक गोली ढूंढने का प्रयास किया। जब गोलियां नहीं मिली तो उसके शव का एक्सरे कराया गया। उसके बाद पोस्टमार्ट कराया गया। घटना में पूर्व प्रधान राजपाल जो दोनों पैरों से विकलांग है उसके सिर में चोट आई हैं। राजपाल के मुताबिक जब आरोपियों ने सभी परिजनों को घेरकर हमला शुरू किया तो वे जान बचाने को वहां से भागे। थोड़ी ही दूरी पर परिवार का ही एक भतीजा बाइक लिए खड़ा था। उसके साथ भागकर राजपाल ने जान बचाई।
गांव में तैनात आरआरएफ की टुकड़ी
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गांव होडलपुर में तीन हत्याओं के बाद रविवार रात पुलिस को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के आक्रोश के चलते पहले तो पुलिस गांव में ही प्रवेश नहीं कर सकी। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिए। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए कई थानों की फोर्स और पीएसी बुलानी पड़ी थी। बवाल की आशंका के मद्देनजर रात में ही आरआरएफ (रैपिड रिएक्शन फोर्स) की कंपनी को बुला लिया गया और पोस्टमार्टम हाउस और गांव में आरआरएफ के जवानों को तैनात कर दिया गया था।