कासगंज में पटियाली तहसील क्षेत्र के पांच हजार की आबादी वाले गांव बरौना के लिए गंगा का कटान निरंतर जारी है। कटान देखकर दहशत में आए ग्रामीण लगातार गृहस्थी का सामान लेकर पलायन करने को विवश हो रहे हैं। अब उनकी आंखों में आंसू हैं और एक अजीब सा सूनापन। बदहवासी के निशान चेहरे पर साफ नजर आ रहे हैं क्योंकि कटान रोकने के सभी प्रबंध अब तक नाकाम साबित हो चुके हैं। जो सड़क गांव को कटान की जद में आने से रोक रही थी उस सड़क का 80 फीसदी हिस्सा अब तक कटान की जद में आ चुका है।
बरौना गांव में अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है। दिन हो या रात प्रभावित गांव के ग्रामीण चैन से सो भी नहीं पा रहे। पूरी रात ग्रामीण गंगा की धारा के प्रवाह को देखने और उसकी रोकथाम करने में जुटे रहते हैं। जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त है। जब भी कोई पहुंचता है तो गांव की महिलाएं फफक कर रो पड़ती हैं, लेकिन किसी के पास इसका न कोई समाधान है और न ही ठोस आश्वासन।