रमजान पाक महीने में आखिरी जुमे (जुमा अलविदा) की नमाज शुक्रवार को अता कराई गई। आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, एटा, कासगंज और मैनपुरी जिले में अकीदतमंदों ने इबादत की। अलविदा की नमाज के साथ ही ईद उल फितर का इंतजार बेकरारी में तब्दील हो गया।
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जुमा अलविदा
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में शाही जामा मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए रोजेदार उमड़ पड़े। ताजमहल पर भी अलविदा जुमा की नमाज अदा करने के लिए मुस्लिम समाज के लोग पहुंचे। इसके अलावा मेहताब बाग के पास बाबरी मस्जिद, लोहामंडी और अकबरी मस्जिद में नमाज अदा की गई। देहात के कस्बों फतेहाबाद, किरावली, बाह में मस्जिदों और इबादतगाहों में लोगों ने नमाज अदा की।
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जुमा अलविदा
- फोटो : अमर उजाला
एटा की 135 मस्जिदों में अलविदा की नमाज में अकीदतमंदों ने मुल्क में अमन-चैन की दुआ के लिए हजारों हाथ उठे। यहां नमाजियों की भीड़ के कारण हाईवे बाधित रहा। अलविदा जुमां की नमाज के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे। मस्जिदों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहे। जामा मस्जिद में हाजी बदूद मियां ने नमाज से पहले तकरीर कर शब-ए-कद्र के बारे में बताया।
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जुमा अलविदा
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि यूं तो पूरे रमजान में इबादतों का जोर रहता है। मगर रमजान के आखिरी अशरे में जो विषम रातें जैसे 21वीं, 23वीं, 25वीं, 27वीं और 29वीं रात को जागकर इबादत करना चाहिए। इस एक रात की इबादत हजारों रातों की इबादत का शबब दे जाती है। कुरान चूंकि रमजान में ही नाजिल हुआ था इसलिये तिलावतों पर जोर दें। जिले की अन्य मस्जिदों में भी रमजान, शब-ए-कद्र और फितरा और जकात के सिलसिले से तकरीरें की गईं।
इसके अलावा फिरोजाबाद के सदर बाजार, जामा मस्जिद, मथुरा की शाही ईदगाह और वृंदावन की मस्जिदों में भी अलविदा जुमा की नमाज के लिए लोगों में उत्साह रहा। मैनपुरी में भी शहर की प्रमुख मस्जिद और कस्बा भोगांव स्थित जामा मस्जिद में पहुंचकर नमाजियों ने खुदा की इबादत की।