जोंस मिल प्रकरण में डीएम प्रभु एन सिंह ने सदर के तहसीलदार प्रेम पाल सिंह को निर्देश दिए हैं कि जिन लोगों ने फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन खरीदी और बेची है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। मुकदमे हो जाने पर इन्हें भूमाफिया भी घोषित किया जाए।
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जोंस मिल में सरकारी जमीन
- फोटो : अमर उजाला
एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव समेत आठ सदस्यीय टीम की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। इसकी जद में 139 लोग आ रहे हैं। सदर तहसील की टीम उन लोगों को चिह्नित कर चुकी है जिन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा किया। इसके बाद एक और सूची उन लोगों की है, जिन्होंने सरकारी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे बेचा और फिर ऐसे लोग हैं जिन्होंने उसे खरीदा।
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जोंस मिल के इस हिस्से में हुआ था ब्लास्ट
- फोटो : अमर उजाला
जोंस मिल में सरकारी व पट्टे की 2,596 करोड़ रुपये की जमीनों का फर्जीवाड़ा है। जिन लोगों पर कार्रवाई की जानी है, उन्होंने बचाव में कोई दस्तावेज भी प्रशासन को नहीं दिया है। हालांकि इनमें से कई कह रहे हैं कि उनका पक्ष सुना ही नहीं गया।
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जोंस मिल की जगह
- फोटो : अमर उजाला
तीसरी बार टली लोगों के साथ विधायकों की बैठक
जोंस मिल क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विधायकों से बैठक करने के लिए समय मांग रहे हैं। तीन बार बैठक तय हो चुकी है लेकिन एक बार भी नहीं हो पाई। रविवार को तीसरी बार बैठक टल गई।
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पुरुषोत्तम खंडेलवाल
- फोटो : अमर उजाला
बैठक में व्यस्त था, समय नहीं दे पाया - खंडेलवाल
उत्तर के विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल का कहना है कि लोगों ने मिलने के लिए समय मांगा था। ऐन वक्त पर पार्टी की बैठक आ गई, इसलिए जोंस मिल प्रकरण से संबंधित लोगों से मिल नहीं पाया लेकिन यह मुद्दा वह शासन के सामने रखेंगे। एत्मादपुर के विधायक राम प्रताप सिंह चौहान का कहना है कि लोगों का मिलने के लिए फोन तो आया था लेकिन वे आए नहीं। पूरा प्रकरण अधिकारियों के सामने रखा जाए, जो दोषी हैं उन पर कार्रवाई हो, निर्दोष का उत्पीड़न नहीं हो।
जोंस मिल प्रकरण में कब्जेदारों के उत्पीड़न के मुद्दे पर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने संघर्ष का एलान किया है। सामाजिक संस्था मित्र मिलाप के संरक्षक दीपक खरे का कहना है कि जोंस मिल में कई पीढ़ियों से रह रहे परिवार प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई से आतंकित हैं। संस्था के लोग आगरा प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। राहुल प्रियंका सेना के जिलाध्यक्ष विकास शर्मा का कहना है कि कब्जेदारों का उत्पीड़न किया गया तो लोग सड़कों पर उतरेंगे। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश जैसवाल का कहना है कि व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं होने देंगे। संगठन के अध्यक्ष सुमंत गुप्ता तीन जनवरी को आगरा पहुंचकर जोंस मिल के लोगों से मिलेंगे और बैठक भी करेंगे।